नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर तबाही... चीन ने माना- 31 शव मिले, 531 लापता में 49 भारतीय

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  • प्रकाशित: सितम्बर 08, 2026

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त 2026 को गेरोंग/गोइरांग पोर्ट पर आई ग्लेशियर तबाही की सबसे दर्दनाक तस्वीर अब सामने आई है. कीचड़ में शव गल चुके हैं, शिनाख्त के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं और अस्पतालों के बाहर अपनों की फोटो लिए बिलखते परिवारों की कतार है. चीन पर आंकड़े छिपाने के आरोप के बाद अब उसने पहली बार आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं और सालों बाद तिब्बत सीमा पर विदेशी मीडिया को जाने दिया है. चीन के मुताबिक, इमिग्रेशन और कस्टम भवन से अब तक 31 शव मिले हैं, 531 लोग लापता हैं जिनमें 49 भारतीय शामिल हैं, और मौके से 987 निजी सामान - बैग, जूते, दस्तावेज मिले हैं. ग्राउंड जीरो पर रिपोर्टर प्रदीप दत्ता ने बताया कि मलबे में लोग सोना-चांदी नहीं, अपने एजुकेशन सर्टिफिकेट ढूंढ रहे हैं.एक लड़की 10-12 दिन से बहन के साथ नन्हे हाथों से मिट्टी हटा रही है, 3 साल से नर्सिंग के कॉम्पिटेटिव एग्जाम की तैयारी की थी, अब सर्टिफिकेट नहीं मिला तो एडमिशन रुक जाएगा और साल खराब हो जाएगा. उसके लिए यह कागज नहीं, कॉलेज एडमिशन की चाबी है. तबाही का आर्थिक असर भी बड़ा है. गैरांग पोर्ट पूरी तरह तबाह होने से चीन-नेपाल व्यापार ठप हो गया है और काठमांडू दैनिक जरूरतों के लिए पूरी तरह भारत पर निर्भर है.