वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता (Geopolitical Uncertainty) और 'चाइना प्लस वन' के दौर में भारत और जापान के रणनीतिक व औद्योगिक रिश्ते एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। 'NDTV भारत-जापान संवाद' के विशेष कॉर्पोरेट और आर्थिक सत्र में दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों और रणनीतिक विशेषज्ञों ने इस बात का पूरा खाका रखा कि कैसे जापान की 'प्रिसिजन और क्वालिटी' और भारत का 'स्केल और इंजीनियरिंग टैलेंट' मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बना सकते हैं।