मकर संक्रांति के बाद गुजरात के नवसारी से इंसानियत और संवेदनशीलता से भरी एक तस्वीर सामने आई है. सिविल अस्पताल परिसर में एक घायल कबूतर मंझे में फंसकर नीचे की मंज़िल पर गिर पड़ा था. घायल स्थिति में कबूतर खुद को बचाने में असमर्थ था और आसपास घूम रहे कुत्ते उस पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे.
मंझे में फंसकर नीचे गिरा कबूतर, कुत्तों का खतरा
घटना के दौरान कबूतर बुरी तरह उलझा हुआ था और उसके पंखों में तेज मंझा फंसा था. जैसे ही वह नीचे गिरा, परिसर में घूम रहे कुत्ते उसकी ओर बढ़ने लगे, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया.
युवक ने दिखाई हिम्मत, कबूतर को बचाया
इसी बीच, मौके पर मौजूद एक युवक ने बिना देर किए आगे बढ़कर घायल कबूतर को कुत्तों से बचा लिया. उसने सावधानी से कबूतर को मंझे से छुड़ाया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसकी जान बचाई.आसपास मौजूद लोगों ने युवक के इस कदम की सराहना की.
हर साल मकर संक्रांति के बाद बढ़ते हैं ऐसे मामले
गुजरात और देश के कई हिस्सों में मकर संक्रांति के बाद मंझे में फंसे पक्षियों के घायल होने के मामले बड़े पैमाने पर सामने आते हैं. तेज और खतरनाक मंझा न केवल पक्षियों को घायल करता है, बल्कि उनकी जान भी ले लेता है. ऐसे समय में इस युवक की संवेदनशील पहल इंसानियत की एक सुंदर मिसाल बनकर सामने आई है.