भारतीय सेना ने जहां एक तरफ अपने पुराने इतिहास के अनकहे शूरवीरों को वो सर्वोच्च सम्मान दिया है जिसके वो हकदार थे, वहीं दूसरी तरफ सरहद पर चौबीसों घंटे मुस्तैद जवानों ने पाकिस्तान समर्थित घुसपैठ के एक और बड़े और खतरनाक मंसूबे को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।