प्लीज अमेरिका जंग खत्म मत करना... ईरान के खिलाफ सऊदी अरब ने ये क्या बोल दिया

  • 2:45
  • प्रकाशित: मार्च 25, 2026

अमेरिकी मीडिया का दावा: ईरान से जंग खत्म नहीं चाहता सऊदी अरब, ट्रंप से युद्ध जारी रखने की अपील

युद्ध न रुका तो महायुद्ध का खतरा, दुनिया पर पड़ सकता है गहरा असर

अमेरिकी मीडिया के हवाले से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब ईरान के साथ मौजूदा संघर्ष को खत्म करने के पक्ष में नहीं है, बल्कि वह ईरान से आर‑पार की लड़ाई चाहता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी किंग ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध जारी रखने की अपील की है. अगर यह दावा सही साबित होता है, तो इसे वैश्विक स्तर पर खतरे की घंटी माना जा रहा है. जानकारों का कहना है कि अगर यह जंग नहीं रुकी, तो इसका असर सिर्फ मध्य‑पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के कई देशों पर अलग‑अलग रूप में दिखाई देगा.

ईरान की पलट रणनीति: अरब और इस्लामिक देशों से एकजुट होने की अपील

इसी बीच ईरान ने अरब और इस्लामिक देशों से बड़ी अपील की है. ईरान का कहना है कि मुस्लिम देशों को अमेरिका और इजरायल से दूरी बनाकर आपसी एकता दिखानी चाहिए. ईरान ने एक साझा सैन्य और सुरक्षा संघ बनाने का प्रस्ताव भी सामने रखा है. ईरान की ओर से यह बयान ब्रिगेडियर जनरल इब्राहीम जल्फगारी ने दिया है. वे लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान का पक्ष रख रहे हैं. जल्फगारी ने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पड़ोसी देश मिलकर सुरक्षा समेत अन्य रणनीतिक मामलों में एक‑दूसरे के साथ काम कर सकते हैं.

"खाड़ी देशों से कोई दुश्मनी नहीं" – ईरान का स्पष्ट संदेश

न्यूज़रूम से जुड़े हमारे संवाददाता राजीव रंजन के मुताबिक, ईरान लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि उसकी खाड़ी देशों से कोई नाराजगी या दुश्मनी नहीं है. ईरान का कहना है कि वह केवल उन्हीं अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, जहां से उस पर हमले किए जा रहे हैं.

ईरानी नेतृत्व यह भी दोहरा चुका है कि जिन जगहों पर नागरिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा, उसके लिए वह पहले ही खाड़ी देशों से माफी मांग चुका है. ईरान की कोशिश है कि क्षेत्रीय देशों को भरोसे में लेकर अमेरिका और इजरायल को अलग‑थलग किया जाए.

क्या ईरान के प्रस्ताव को मिलेगा समर्थन?

हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस तरह से इस जंग की जद में लगातार नए‑नए देश आते जा रहे हैं, ऐसे में क्या अरब और इस्लामिक देश ईरान के इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे? क्या वे अमेरिका और इजरायल से दूरी बनाने का जोखिम उठाएंगे? विशेषज्ञ मानते हैं कि हालात जिस तेजी से बिगड़ रहे हैं, अगर जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो आने वाले समय में स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती है. अमेरिकी मीडिया के दावे और ईरान की अपील—दोनों मिलकर मध्य‑पूर्व को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ले आए हैं.

संबंधित वीडियो