मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) ने एक बेहद अहम और चौंकाने वाले फैसले में इंडियन रेलवे (Indian Railways) के कर्मचारी नारायण नायर की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है. साल 2002 में सिर्फ ₹10 की कथित गड़बड़ी के आरोप में एक रेलवे बुकिंग क्लर्क (Railway Booking Clerk) को नौकरी से निकाल दिया गया था. बिना किसी निष्पक्ष जांच और बिना किसी गवाह (Witness) के एक निर्दोष इंसान की 25 साल की नौकरी छीन ली गई. 21 साल की लंबी कानूनी लड़ाई (Legal Battle) के बाद अब कोर्ट ने सिस्टम की पोल खोल दी है. जानिए कैसे विजिलेंस टीम (Vigilance Team) ने नियमों को ताक पर रखकर एक गरीब कर्मचारी को फंसाया. NDTV India के सिद्धार्थ प्रकाश (Siddharth Prakash) से जानिए इस पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी और सिस्टम की विफलता का पूरा सच.