राजस्थान की प्रसिद्ध कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब एक बड़ी गुत्थी बन चुकी है. बुधवार शाम जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हुई, जिसके बाद से लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं. परिजनों ने आश्रम में दिए गए एक गलत इंजेक्शन को मौत की वजह बताया है, जबकि पुलिस इस पूरे मामले की बहुस्तरीय जांच में जुटी है.
इंजेक्शन लगने के पांच मिनट बाद मौत
सूत्रों और परिवार के अनुसार, "साध्वी पिछले कुछ दिनों से सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित थीं. आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया. कंपाउंडर ने उन्हें एक इंजेक्शन लगाया. आरोप है कि सिर्फ पाँच मिनट बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी. पुलिस ने फिलहाल कंपाउंडर को हिरासत में लेकर पूछताछ की है और इंजेक्शन के खोल व मेडिकल सामग्री को कब्जे में ले लिया है.
अस्पताल पहुंचने में देरी पर भी सवाल
परिजनों का आरोप है कि साध्वी की हालत बिगड़ने के बाद भी उन्हें अस्पताल ले जाने में देरी की गई. यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है. अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिरकार आश्रम से अस्पताल ले जाने में इतना समय क्यों लगा.
मौत के चार घंटे बाद आया Instagram पोस्ट
सबसे बड़ी गुत्थी है साध्वी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से मौत के करीब चार घंटे बाद किया गया एक लंबा पोस्ट, जिसमें लिखा था, “मैंने हर क्षण सनातन धर्म के लिए जिया…मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद न्याय ज़रूर मिलेगा… मैंने संत महात्माओं से अग्नि परीक्षा की गुहार की थी…” यह पोस्ट वायरल होने के बाद संदेह और गहरा गया. क्या यह पोस्ट स्वयं साध्वी ने लिखा था?
पुलिस ने साफ़ कहा है कि पोस्ट किसने किया, यह अभी जांच का विषय है. साइबर टीम मोबाइल और अकाउंट एक्सेस की जांच कर रही है. साध्वी के पिता ने बयान दिया कि पोस्ट उन्होंने भक्तों के कहने पर डाला था, लेकिन उनके बयान लगातार बदलते रहे जिससे संदेह और बढ़ा.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सुलझेगी गुत्थी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, "पोस्टमार्टम के लिए विसरा रिजर्व किया गया है. जांच में यह पता चलेगा कि इंजेक्शन से ओवरडोज़ हुआ. कोई ज़हरीला पदार्थ दिया गया या मौत के पीछे कोई अन्य कारण था. रिपोर्ट आने में 2–3 दिन लगेंगे।
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?
राजस्थान में एक जानी-मानी बाल साध्वी कथा वाचन और भजन गायन में प्रसिद्ध. बड़ी संख्या में भक्त मूल रूप से बाड़मेर जिले से. उनके गुरु स्वयं उनके पिता वीरमनाथ थे.
वीडियो विवाद से आई थीं सुर्खियों में
जुलाई 2025 में: साध्वी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसे "अश्लील" बताकर प्रचारित किया गया. साध्वी ने दावा किया कि वीडियो साजिश के तहत बनाया गया. उनसे पहले पैसे मांगे गए. बदनाम करने के लिए गलत तरीके से क्लिप्स वायरल की गईं. अपने आप को निर्दोष साबित करने के लिए उन्होंने बड़े संतों को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा की मांग भी की थी.
परिजन और भक्तों की मांग: निष्पक्ष जांच हो साध्वी के पिता और समर्थकों ने मांग की है कि यह मौत है, हत्या है या आत्महत्या- सच सामने लाया जाए. हर एविडेंस सुरक्षित रहे. कोई भी साक्ष्य नष्ट न हो. पुलिस कमिश्नर इस मामले पर स्वयं नजर रख रहे हैं.