चंपत राय की चिट्ठी ने बढ़ाई मुश्किल! फंस गए अनिल मिश्रा-गोविंद गिरी?

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  • प्रकाशित: जुलाई 08, 2026

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों से पूछताछ जारी है. हालांकि अब इस मामले में सवालों का दायरा केवल चंपत राय तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं. चंपत राय की चिट्ठी सामने आने के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि आखिर इस मामले में अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही क्या है. सवाल यह भी उठ रहा है कि अनिल मिश्रा पर आरोप लगने के बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया. वहीं, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है. आलोचकों का कहना है कि ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े होने के कारण वे अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह अलग नहीं हो सकते. अब जब मामला सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है, तो मांग उठ रही है कि चंपत राय के साथ-साथ अनिल मिश्रा और गोविंद देव गिरी से भी सवाल पूछे जाएं. यह जानने की कोशिश की जानी चाहिए कि पूरे प्रकरण में उनकी क्या भूमिका रही और वे स्वयं को इस मामले की जिम्मेदारी से कैसे अलग मान सकते हैं.

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