दिल्ली का भारत मंडपम 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए सज चुका है. 12-13 सितंबर को होने वाले इस महामंथन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं. इससे पहले शुक्रवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, दो हफ्ते में दूसरी मुलाकात है. पिछली मुलाकात में पीएम मोदी ने कहा था, "अब अंतहीन युद्ध नहीं, युद्ध का अंत होना चाहिए." क्रेमलिन ने कहा. "भारत सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है. ट्रेड बढ़ने से नई फ्लाइट्स और जॉइंट प्रोजेक्ट्स की जरूरत बढ़ेगी." अब बड़ी निगाहें डील्स पर हैं. क्या भारत-रूस में फिफ्थ जनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट Su-57 की डील आगे बढ़ेगी? दोनों देश ब्रह्मोस समेत कई डिफेंस प्रोजेक्ट पर साथ हैं. रूस ने कहा है, "Su-57 दुनिया की बेस्ट मशीनों में से है, भारत को बेचने का मुद्दा एजेंडे पर है, भारत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और प्रोडक्शन चाहता है. पुतिन की 9 महीने में दूसरी भारत यात्रा है, पिछली 4 दिसंबर 2025 को थी जो यूक्रेन युद्ध के बाद पहली थी. ब्रिक्स समिट शनिवार सुबह होगा, लीडर्स डिक्लेरेशन आएगा. रूस, चीन के शी जिनपिंग, ईरान के मसूद पेजेश्कियान समेत कई नेता आएंगे.