बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का बड़ा आंदोलन शुरू होते ही नीतीश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. बिहार लोक सेवा आयोग ने काफी समय से लंबित चल रहे 'TRE-4' (शिक्षक भर्ती परीक्षा-4) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. पिछले कई महीनों से इस नोटिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी थी. छात्रों के आक्रोश और विपक्ष के मार्च की तैयारी को देखते हुए सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए आनन-फानन में यह कदम उठाया है, ताकि पटना में दिल्ली या झारखंड जैसे हिंसक आंदोलन के हालात पैदा न हों.
TRE-4 के तहत लगभग 32,000 से अधिक शिक्षकों के पदों पर भर्ती की जानी है. इस शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन 1 सितंबर से शुरू होकर 29 सितंबर 2026 तक चलेंगे. छात्रों के इस प्रदर्शन को धार देने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और वामपंथी लों के बड़े नेता भी सुबह से ही सड़क पर उतर आए थे, जिससे सरकार पर भारी राजनीतिक दबाव बन गया था.
हालांकि, नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद छात्र पूरी तरह से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं. आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि आयोग ने केवल ट्विटर पर संक्षिप्त जानकारी दी है और डिटेल नोटिफिकेशन अभी भी जारी नहीं किया गया है. अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि 'वन कैंडिडेट, वन रिजल्ट' (एक छात्र, एक परिणाम) का नियम लागू किया जाए ताकि सीटें बर्बाद न हों. इसके अलावा अभ्यर्थी पीटी और दो चरणों में परीक्षा कराने के फैसले का विरोध कर रहे हैं और परीक्षा को पारदर्शी तरीके से एक ही चरण में आयोजित करने की मांग पर अड़े हुए हैं.