पटना में छात्रों के मुद्दे, बेरोजगारी, पेपर लीक और सिवान में छात्रों पर AK-47 से हुई फायरिंग के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक विशाल 'राजभवन मार्च' निकाला. जैसे ही यह मार्च इनकम टैक्स गोलंबर के पास पहुंचा, पटना पुलिस ने भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया. पुलिस ने मुख्य विपक्षी नेता तेजस्वी यादव और उनके सहयोगी संजय यादव को हिरासत में लेकर एक बस में बैठा दिया. तेजस्वी के हिरासत में लिए जाते ही पटना की सड़कों पर हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया. हजारों की संख्या में मौजूद उग्र आरजेडी कार्यकर्ता उस बस के ऊपर चढ़ गए जिसमें तेजस्वी को रखा गया था. कई कार्यकर्ता बस के आगे सड़क पर लेट गए और बस को पूरी तरह से 'हाईजैक' कर लिया, ताकि पुलिस उनके नेता को आगे न ले जा सके. भारी भीड़ और उमस के कारण एक कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ने की भी खबर है. प्रदर्शनकारियों के हाथ में तिरंगा था, जिसे देखते हुए प्रशासन (SDM) ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम का हवाला देते हुए तिरंगे का अपमान न करने की अपील की.