Bhojshala Mandir Verdict: भोजशाला पर मुस्लिम पक्ष का दावा खारिज, हाईकोर्ट बोला- सिर्फ पूजा होगी, नमाज नहीं

Bhojshala Mandir Verdict: इंदौर/धार. लंबे समय से विवादों में रहे मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर इंदौर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि भोजशाला परिसर एक मंदिर है. इस फैसले के बाद पूरे इलाके में हलचल तेज हो गई है और बड़ी संख्या में लोग कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
दरअसल, इस मामले में करीब 25 दिनों तक लगातार सुनवाई चली थी. सुनवाई पूरी होने के बाद 12 तारीख को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. अब इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले में फैसला सुनाना शुरू किया और महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए भोजशाला परिसर को मंदिर बताया.
भोजशाला को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है. हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी का प्राचीन मंदिर मानता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद होने का दावा करता रहा है. इस विवाद को लेकर कई वर्षों से अदालत में सुनवाई चल रही थी.
मामले की सुनवाई के दौरान ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की तरफ से विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई. इस रिपोर्ट में परिसर में खुदाई के दौरान मिलीं मूर्तियों और अन्य संरचनाओं का जिक्र किया गया, जिन्हें मंदिर के प्रमाण के तौर पर बताया गया. इन्हीं सबूतों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला दिया.
फैसला सामने आते ही हाई कोर्ट परिसर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई. कई लोग खुशी जाहिर करते दिखे, वहीं पूरे इलाके में माहौल काफी संवेदनशील भी बना हुआ है. प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.
यह निर्णय सिर्फ एक धार्मिक स्थल का फैसला नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और ऐतिहासिक विवाद का अहम पड़ाव माना जा रहा है. अब आगे इस फैसले को लेकर क्या कानूनी और सामाजिक प्रतिक्रिया होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है.