Bengal Election 2026: 93% वोटिंग और SIR का 'खौफ'! 90 लाख नाम कटे, किसे नफा और किसे नुकसान?

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  • प्रकाशित: अप्रैल 28, 2026

BJP vs TMC West Bengal Elections 2026:  इस वीडियो में हम आपको “नंबर गेम” के जरिए दूसरे चरण के चुनाव की पूरी तस्वीर दिखा रहे हैं. NDTV इलेक्शन स्टूडियो में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय, कंचन गुप्ता, सतीश के सिंह, अजित झा और कोलकाता से ग्राउंड रिपोर्ट के साथ मनोज्ञा लोइवाल इस पूरे गणित और सियासी माहौल का विश्लेषण कर रहे हैं.
 
पहले चरण में पश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से ज्यादा मतदान ने सभी को चौंका दिया है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह बढ़ी हुई वोटिंग वाकई जनता के उत्साह का नतीजा है या फिर इसके पीछे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की बड़ी भूमिका है. इस वीडियो में हम जिलावार आंकड़ों के जरिए इसी सवाल का जवाब तलाशते हैं.


दक्षिण दिनाजपुर, बीरभूम, मालदा और दार्जिलिंग जैसे जिलों के आंकड़े दिखाते हैं कि पहली नजर में मतदान प्रतिशत 10–12 फीसदी तक बढ़ा हुआ दिखाई देता है, लेकिन जब SIR के तहत कटे वोटरों को जोड़कर तुलना की जाती है, तो असल टर्नआउट लगभग 2021 जैसा ही निकलता है. यानी वोट प्रतिशत में जो उछाल दिख रहा है, वह काफी हद तक फर्जी, डेड और माइग्रेंट वोटरों के नाम हटने की वजह से है.
चुनावी जानकारों का कहना है कि SIR ने चुनाव का पूरा समीकरण बदल दिया है. जिन इलाकों में पहले बोगस वोटिंग के आरोप लगते रहे हैं, वहां अब मुकाबला ज्यादा बराबरी का हो सकता है. वहीं, डर और असुरक्षा की भावना के चलते कई मतदाता इस बार ज्यादा मजबूती से वोट डालने निकले हैं. सवाल अब यही है कि SIR का फायदा किसे मिलेगा—बीजेपी को या TMC को? यही विश्लेषण इस चर्चा का केंद्र है.

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