दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर बड़ा फैसला किया है. केजरीवाल ने साफ किया है कि वह न तो खुद और न ही वकील के जरिए जस्टिस स्वर्णकांता की अदालत में पेश होंगे. उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद टूट चुकी है, इसलिए उन्होंने गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया है.
हालांकि केजरीवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह जस्टिस स्वर्णकांता का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. अब कोर्ट आगे की सुनवाई अपने स्तर पर करेगी और उसके नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हैं.