महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए चालकों को मराठी भाषा का 'कामचलाऊ' ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया है, जिसके लिए तय की गई 15 अगस्त की डेडलाइन अब खत्म हो चुकी है. साल 2019 के एक सरकारी आदेश (GR) के तहत लागू किए गए इस नियम के लिए आयोजित परीक्षा में करीब 1,70,000 चालकों ने आवेदन किया था. इनमें से 1,40,000 से अधिक लोग पास हो चुके हैं, लेकिन 7,750 चालक इस मराठी दक्षता परीक्षा में फेल हो गए हैं और 25,000 से ज्यादा लोगों को अभी तक यह अनिवार्य प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है.
डेडलाइन खत्म होने के बाद अब सरकार ने सख्ती बरतने की तैयारी कर ली है. जांच के लिए जगह-जगह फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए जा रहे हैं. जिन चालकों को मराठी नहीं आती है, उन्हें भाषा सीखने के लिए पहले एक महीने का नोटिस दिया जाएगा. अगर वे इस एक महीने में भी मराठी नहीं सीख पाते हैं, तो उनका लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा. इसके बाद भी अगर चालक भाषा सीखने में नाकाम रहता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है.