- उत्तराखंड पुलिस ने एक महीने तक ऑपरेशन प्रहार चलाकर राज्य में अपराधियों की गिरफ्तारी और निगरानी बढ़ाई.
- अभियान के दौरान एक हजार चार सौ से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार कर अवैध हथियारों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई.
- ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पन्द्रह हजार से अधिक वाहनों के चालान काटे गए और दो हजार से अधिक वाहन सीज किए गए.
उत्तराखंड पुलिस की ओर से बीते एक महीने से “ऑपरेशन प्रहार” चलाया जा रहा था. इस अभियान का उद्देश्य राज्य में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, बाहरी लोगों का सत्यापन, कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती करना था. बीते कुछ समय से हरिद्वार, देहरादून, ऊधम सिंह नगर और कई पर्वतीय इलाकों में अपराध के साथ‑साथ रैश ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के मामले बढ़ रहे थे. इसी को देखते हुए पुलिस ने राज्यव्यापी स्तर पर यह अभियान शुरू किया.
मैदानी क्षेत्रों में उद्योगों, प्रॉपर्टी कारोबार और शिक्षण संस्थानों के आसपास अपराध के मामलों में तेजी देखी गई थी. शहरों में शराब पीकर वाहन चलाने, मारपीट और उत्पात की घटनाएं आम हो गई थीं. हाल ही में देहरादून के एक नाइट क्लब में हुए झगड़े के बाद फायरिंग की घटना में एक सेवानिवृत्त आर्मी ब्रिगेडियर की मौत भी हुई थी. इसके अलावा स्कूल‑कॉलेज और यूनिवर्सिटी के आसपास छात्रों द्वारा देर रात तेज रफ्तार में वाहन चलाने और शराब पीकर सड़कों पर हंगामा करने से आम लोग परेशान थे. इन्हीं हालात को नियंत्रित करने के लिए ऑपरेशन प्रहार चलाया गया.
एक महीने तक चले इस अभियान में उत्तराखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली. पूरे प्रदेश में 1,400 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. 40,000 से अधिक लोगों का सत्यापन कर संदिग्धों पर निगरानी रखी गई. ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 15,000 वाहनों के चालान काटे गए और 2,000 से अधिक वाहन सीज किए गए.
उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने पुलिस मुख्यालय में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑपरेशन प्रहार की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत वांछित और पेशेवर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की गई. गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और अवैध हथियारों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई.
अभियान के दौरान आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी, बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती की गई. इसके साथ ही रैश ड्राइविंग और ड्रंकन ड्राइविंग के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई हुई. होटल, बार, पब और ढाबों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई.
चारधाम यात्रा के दौरान साइबर ठगी रोकने के लिए फर्जी वेबसाइट और मोबाइल नंबर भी ब्लॉक किए गए. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस राज्य के नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और ऑपरेशन प्रहार आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा.
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