Feviquick से ठगी का बड़ा खेल! ATM में कार्ड चिपका देते थे आरोपी, फिर चालाकी से खाली कर देते थे अकाउंट

विकासनगर, उत्तराखंड में पुलिस ने फेवीक्विक गैंग का भंडाफोड़ किया है जो एटीएम कार्ड स्लॉट जाम कर और मदद के बहाने पिन चुराकर लोगों के बैंक खाते खाली कर देता था. अंकित कुमार और प्राची सैनी की गिरफ्तारी के साथ 34 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं.

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  • उत्तराखंड के विकासनगर में एटीएम कार्ड फंसाने का बहाना बनाकर फेवीक्विक गैंग ने ठगी का खुलासा पुलिस ने किया.
  • गैंग कार्ड रीडर में फेवीक्विक डालकर कार्ड जाम करता और पीड़ित का पिन नंबर चुराकर नकली कार्ड थमाता था.
  • अंकित कुमार और प्राची सैनी नामक युवक-युवती की जोड़ी को सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की मदद से गिरफ्तार किया गया.
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Feviquick ATM New Scam: उत्तराखंड के विकासनगर में एटीएम पर लोगों की मजबूरी को अपना हथियार बनाकर ठगी करने वाले फेवीक्विक गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. यह गैंग एटीएम में फंसे कार्ड के बहाने लोगों की मदद करता दिखता था, लेकिन असल में उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर देता था. विकासनगर पुलिस ने इस शातिर गैंग के युवक और युवती को गिरफ्तार कर लोगों को ठगने के उनके पूरे खेल का खुलासा किया है.

Feviquick से ऐसे करते थे ठगी

विकासनगर कोतवाली क्षेत्र में यह गैंग सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम देता था. आरोपी पहले एटीएम मशीन के कार्ड रीडर में फेवीक्विक डालकर उसे जाम कर देते थे. जैसे ही कोई ग्राहक पैसे निकालने आता और कार्ड फंस जाता, तभी आरोपी मददगार बनकर सामने आ जाते थे. कार्ड फंसने पर घबराए ग्राहक की मदद के नाम पर आरोपी बेहद चालाकी से उसका पिन नंबर देख लेते थे. इसके बाद मौका पाते ही असली एटीएम कार्ड बदलकर पीड़ित को नकली कार्ड थमा दिया जाता था. पीड़ित को भनक तक नहीं लगती और कुछ ही देर में उसके खाते से रकम निकाल ली जाती थी.

CCTV और मुखबिर की मदद से गिरफ्तारी

इस गैंग की खास बात यह थी कि इसमें एक युवती भी शामिल थी. युवक और युवती की जोड़ी मिलकर लोगों का भरोसा जीत लेती थी, जिससे शक की गुंजाइश कम रह जाती थी. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित कुमार और प्राची सैनी के रूप में हुई है. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस हरकत में आई. सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने समरफील्ड स्कूल के पास जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को धर दबोचा.

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.  

34 ATM कार्ड और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 34 एटीएम कार्ड, 9,380 रुपये नकद और ठगी में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है. पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग सहसपुर और विकासनगर इलाके में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है. पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी अंकित कुमार पहले भी धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है. जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपराध का रास्ता अपना लिया.

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नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क की तलाश कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि ठगी से जुड़े हर कड़ी तक पहुंचा जा सके. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि एटीएम में किसी भी अनजान व्यक्ति से मदद न लें, पिन नंबर किसी को न बताएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें. यह सतर्कता ही ऐसे ठगों से बचने का सबसे बड़ा तरीका है.

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