उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार, 7 मई को अपने पैतृक गांव पंचूर (यमकेश्वर ब्लॉक, जनपद पौड़ी) पहुंचे. मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास और उत्साह का माहौल है. अपनी जड़ों से गहरा लगाव रखने वाले मुख्यमंत्री योगी अपने दो दिवसीय निजी दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे हैं, जहां वे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं. (आशीष डोभाल/कुलदीप बिष्ट की रिपोर्ट)
जोरदार स्वागत और VIP मौजूदगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं यमकेश्वर पहुंचे. दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच आत्मीय मुलाकात हुई. CM धामी ने योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव पंचूर आगमन को उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बताया. गांव की सीमा से लेकर कार्यक्रम स्थल तक भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ अपने 'पहाड़ के लाल' का भव्य स्वागत किया.
धार्मिक अनुष्ठान: हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा
मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य केंद्र पंचूर गांव में नवनिर्मित हरि विष्णु पंचदेव मंदिर है. मंदिर परिसर में 4 मई से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा के विशेष अनुष्ठान का समापन शुक्रवार, 8 मई को होगा. सीएम योगी ने सबसे पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इसके पश्चात, वे मंदिर के उद्घाटन और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए. यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का नया केंद्र बनकर उभरा है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है. भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी और अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी रखी जा रही है ताकि बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े.
भावुक क्षण और क्षेत्रीय जुड़ाव
योगी आदित्यनाथ भले ही उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे हों, लेकिन उनका अपने पैतृक गांव और उत्तराखंड की परंपराओं से विशेष लगाव हमेशा दिखाई देता है. वह समय-समय पर यहां के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचते रहते हैं. स्थानीय लोगों के लिए यह क्षण केवल एक मुख्यमंत्री का दौरा नहीं, बल्कि उनके अपने परिवार के सदस्य की घर वापसी जैसा है.














