रूद्रप्रयाग के तुंगनाथ धाम से मारपीट का वीडियो सामने आने और केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी भीड़ के कारण लगे जाम ने यात्रा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. बाबा केदार के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालुओं को जहां घंटों तक जाम में फंसा रहना पड़ रहा है, वहीं तुंगनाथ में यात्रियों के बीच लाठी-डंडे चलने की घटना ने सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रोहित डिमरी की रिपोर्ट...
तुंगनाथ में मारपीट ने बढ़ाई चिंता
चारधाम यात्रा के बीच तुंगनाथ धाम से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु आपस में भिड़ते नजर आ रहे हैं. वीडियो में लोग एक-दूसरे पर लाठियां चलाते दिखाई दे रहे हैं. इस घटना ने व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी भीड़ के बीच नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा.
केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी दबाव
केदारनाथ धाम की यात्रा इस समय चरम पर है. रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु 19 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग से बाबा केदार के दर्शन के लिए जा रहे हैं. लेकिन भीड़ बढ़ने के कारण मार्ग पर दबाव साफ नजर आने लगा है और जगह-जगह जाम की स्थिति बन रही है.
संकरा रास्ता बना बड़ी परेशानी
भीमबली, लिनचोली और जंगलचट्टी जैसे इलाकों में रास्ता बेहद संकरा है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है. एक तरफ पैदल श्रद्धालु हैं, तो दूसरी तरफ घोड़ा-खच्चर, पालकी और स्थानीय सेवाएं भी चल रही हैं. इन सबके चलते कई जगहों पर रास्ता जाम हो रहा है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
घंटों लाइनों में खड़े रहने को मजबूर लोग
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े हैं और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं. खासकर भीमबली और लिनचोली में हालात ज्यादा कठिन बताए जा रहे हैं. बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है.
पुलिस बल की कमी का भी आरोप
यात्रियों का कहना है कि कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है. पहाड़ी कटाव और गहरी खाई वाले क्षेत्रों में पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं है. ऐसे में बढ़ती भीड़ के बीच किसी भी तरह की घटना बड़ा रूप ले सकती है. कई श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस और सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आ रहे हैं. लंबे इंतजार के कारण थकान, ऑक्सीजन की कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिससे यात्रा और मुश्किल हो गई है.
विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं को मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है. लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सिस्टम पर दबाव बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोग और श्रद्धालु प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाए, मजबूत बैरिकेडिंग की जाए और भीड़ नियंत्रण के लिए सख्त व्यवस्था लागू हो.











