मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने और आध्यात्मिक शांति की तलाश में इन दिनों रिकॉर्ड संख्या में लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. इसका सबसे बड़ा असर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा पर देखने को मिल रहा है. इस साल यात्रा की शुरुआत में ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ऐसा उत्साह देखा जा रहा है जो पहले कभी नहीं मिला.
शुरुआती आंकड़ों ने चौंकाया, टूटने वाले हैं पिछले रिकॉर्ड
इस वर्ष यात्रा शुरू होने के महज एक महीने से भी कम समय के भीतर 16,000 से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक इनर लाइन परमिट (ILP) लेकर आदि कैलाश के दर्शन कर चुके हैं.
अगर पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें
- पिछले वर्ष (पूरा सीजन): कुल करीब 35,000 लोगों ने दर्शन किए थे.
- इस वर्ष का अनुमान: शुरुआती रफ्तार को देखते हुए इस साल 60,000 से अधिक पर्यटकों के पहुँचने की उम्मीद जताई जा रही है.
अलर्ट मोड पर प्रशासन, व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे यात्री
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क (अलर्ट मोड पर) है. यात्रियों की सुविधा के लिए संवेदनशील रास्तों पर सुरक्षा बल तैनात हैं और सुचारू यातायात के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. जगह-जगह मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और यात्रियों के ठहरने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला जबरदस्त बूस्ट
पर्यटकों की इस भारी आमद का सीधा फायदा सीमांत क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को मिल रहा है. होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी ड्राइवरों और छोटे दुकानदारों के व्यापार में भारी उछाल आया है।य इस यात्रा ने सीमांत क्षेत्र की आर्थिकी को एक नया और मजबूत सहारा दिया है.














