उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. मौसम विभाग ने 8 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. अलर्ट के तहत देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार 9 अप्रैल को भी स्थिति सामान्य नहीं होगी. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है. वहीं 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है.
13 अप्रैल तक बदला रहेगा मौसम का मिजाज
आने वाले एक सप्ताह तक उत्तराखंड में मौसम अस्थिर बना रहेगा. विभाग ने 13 अप्रैल तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है. इससे तापमान में गिरावट और ठंड में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.
चारधाम यात्रा की तैयारियों पर असर
लगातार हो रही बर्फबारी का असर चारधाम यात्रा की तैयारियों पर साफ दिखाई दे रहा है. गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में भारी बर्फबारी के चलते निर्माण और मरम्मत कार्य बाधित हो रहे हैं. केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर जमी बर्फ को हटाने का काम जारी है, लेकिन लगातार बर्फबारी के कारण कार्य में रुकावट आ रही है. वहीं व्यापारियों और होटल संचालकों को भी सामान पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
हेमकुंड साहिब और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी
हेमकुंड साहिब क्षेत्र में 6 से 8 फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई है. आसपास के क्षेत्रों में लगातार बर्फ गिरने से यात्रा मार्ग पूरी तरह ढक गए हैं. हालांकि कपाट खुलने में अभी समय है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और यात्रा से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है.
चमोली और औली में बदला मौसम, बढ़ा पर्यटन
चमोली जिले में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है और बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है. वहीं दूसरी ओर औली में बर्फबारी के चलते पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है. स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बदलाव से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबार को फायदा मिल रहा है.
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील के साथ ही निम्न बातों का ख्याल रखने के लिए कहा गया है.
- ओलावृष्टि के दौरान यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें.
- तेज हवाओं में पहाड़ों से पत्थर गिरने और पेड़ों की शाखाएं टूटने का खतरा.
- खुले स्थान पर वाहन खड़ा न करें.
- किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें.
- आकाशीय बिजली के समय खुले में न रहें और पेड़ों के नीचे शरण न लें.
- घर के अंदर रहें और खिड़की दरवाजे बंद रखें.
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इस बीच उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी के कारण पूरी तरह सफेद चादर में ढक गया है. 19 अप्रैल को कपाट खुलने से पहले ही भारी बर्फबारी ने यात्रा तैयारियों को प्रभावित किया है. पैदल मार्गों पर बर्फ जमने से काम धीमा पड़ गया है.
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