VRS लेकर कूदे थे सियासी मैदान में, जानें- योगी कैबिनेट में मंत्री बनाए गए असीम अरुण के बारे में

असीम अरुण का जन्‍म तीन अक्टूबर 1970 को हुआ. उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद अपने पिता श्रीराम अरुण ( पूर्व पुलिस महानिदेशक) की राह पर चलते हुए वह 1994 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
स्कूली शिक्षा लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल से पूरी करने के बाद अरुण ने स्टीफंस कॉलेज से बीएससी किया.
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अपर पुलिस महानिदेशक स्तर (एडीजी) रैंक का पद छोड़कर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले असीम अरुण के उज्‍ज्‍वल सियासी भविष्य की संभावनाओं को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते ही उड़ान मिलने लगी थी. भाजपा ने विधानसभा चुनाव में उन्हें कन्नौज सदर क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और अरुण ने यहां से चुनाव जीतकर अपनी नई पारी की रफ्तार तेज कर दी. शुक्रवार को उन्हें योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार में स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई.

असीम अरुण का जन्‍म तीन अक्टूबर 1970 को हुआ. उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद अपने पिता श्रीराम अरुण ( पूर्व पुलिस महानिदेशक) की राह पर चलते हुए वह 1994 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए और विभिन्न जिलों में एएसपी, एसपी, एसएसपी, डीआईजी आदि पदों पर रहे. आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के पुलिस महानिरीक्षक रहते हुए उन्होंने एटीएस कमांडो की मदद से लखनऊ में आईएसआईएस के कुख्यात आतंकवादी को मार गिराया. वैसे अलीगढ़ में एसएसपी रहते हुए आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए जिला स्तरीय स्पेशल वेपंस एंड टैक्टिक्स टीम (स्वाट) का गठन कर वह न केवल सुर्खियों में आए बल्कि आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की भी निगाह में आ गये थे.

योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में कई 'परिवारवादी' चेहरे, यूपी चुनाव में बीजेपी ने परिवारवाद को बनाया था बड़ा मुद्दा

पिछले साल कानपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली शुरू होने के बाद सरकार ने उन्हें वहां का पहला पुलिस आयुक्त बनाया. कानपुर का पुलिस आयुक्‍त रहते हुए असीम अरुण ने वीआरएस लिया. अनुसूचित जाति परिवार से आने वाले मूलत: कन्नौज के निवासी अरुण की राजनीतिक पारी के लिए भाजपा ने कन्नौज को ही चुना.

स्कूली शिक्षा लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल से पूरी करने के बाद अरुण ने स्टीफंस कॉलेज से बीएससी किया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा असीम अरुण को दलित नेता के रूप में आगे करेगी. असीम के पिता श्रीराम अरुण उप्र के दो बार पुलिस महानिदेशक रहे और उनके कार्यकाल में पुलिस सुधार के कई कार्य हुए.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: Did Iran trap Donald Trump? | Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon
Topics mentioned in this article