- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद पर यौन शोषण का आरोप आशुतोष पांडेय ने लगाया है, खुद पर दर्ज हैं कई मुकदमे
- आशुतोष पांडेय शामली के कांधला इलाके के निवासी, माता शाकुंभरी देवी मंदिर के प्रबंधक के रूप में जाने जाते हैं
- आशुतोष पर थाना कांधला में लगभग 21 से 27 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें जालसाजी और झूठे मुकदमों का आरोप शामिल है
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद महाराज पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं. उनके खिलाफ प्रयागराज में केस दर्ज है और कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद पर आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज के बारे में अब लोग सर्च कर रहे हैं, लोग जानना चाहते हैं कि आखिर यह कौन शख्स है जिसने स्वामी पर इतना बड़ा आरोप लगाया है. तो चलिए आपको विस्तार से बताते हैं.
एक साधु से था लंबा विवाद
आशुतोष महाराज उर्फ आशुतोष पांडेय जनपद शामली के कांधला थाना क्षेत्र के रायजादगान का रहने वाले हैं. ये मंदिर माता शाकुंभरी देवी भवन के प्रबंधक बताए जाते हैं. इस मंदिर को लेकर थाना कांधला के रहने वाले लाल साधु राम के साथ इनका काफी लंबा विवाद भी रहा है. जिसमें साधु राम ने आशुतोष पांडेय के चाचा के थाने में पैर पड़कर फैसला किया था और कहा था कि यह मंदिर आप रख लीजिए. उसके बाद से ही आशुतोष पांडेय व उसके चाचा मंदिर में रह रहे हैं.
एक पत्र ने खींचा ध्यान
अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडेय पर थाना कांधला से एक पत्र वायरल हो रहा है जिसमें उनपर लगभग 21 मुकदमे पंजीकृत दिखाए गए हैं. वायरल पत्र अभी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के शिष्य की ओर से वायरल किया गया है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन पत्र वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया बवाल पैदा हो गया है जिसके चलते अब आशुतोष पांडेय सवालों के घेरे में हैं.
सवाल यह भी उठता है कि आखिर आशुतोष पांडे ने कांधला के मंदिर पर अपना कब्जा किया? आज वह उत्तर प्रदेश के सीएम, डिप्टी सीएम, महामंडलेश्वर आदि के साथ अपने संपर्क बनाए हुए हैं. इन्हीं राजनीतिक और सनातन धर्म के महामंडलेश्वरों के साथ अपने फोटो और वीडियो वायरल कर सुर्खियों में रहते हैं और अपना रौब भी जमाते हैं.
पीड़ित ने आगे कहा कि यहां एक सर्राफा व्यापारी है जिसके छोटे-छोटे बच्चों पर भी इसने मुकदमे दर्ज कराए हैं. फैसले के एवज में पीड़ितों का मकान मांग रहा था. जिसके कारण वह व्यापारी यहां से पलायन ही कर गए हैं. पता नहीं पुलिस से इस व्यक्ति को क्या संरक्षण इस व्यक्ति को प्राप्त है जो कार्रवाई नहीं कर पाती है.18 फरवरी को मेरे भाई पर गाड़ी पर पथराव एवं मारपीट का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने उसकी जांच तक भी नहीं की है और मेरे भाई पर मुकदमा दर्ज कर दिया है. जो गाड़ी यह वर्तमान में चला रहा है वह गाड़ी मथुरा से चोरी करके लाया है. इसपर मथुरा के गोविंदपुरम थाने में मुकदमा पंजीकृत है जो फिलहाल उनके यहां मंदिर में खड़ी हुई है. मनीष चतुर्वेदी नाम का एक पीड़ित व्यक्ति है जिसकी यह गाड़ी चोरी करके लाया हुआ है. यह महाराज बना ही नहीं है ना ही इसकी दीक्षा हुई है.
फर्जी दस्तावेजों पर लड़ा था चुनाव
आशुतोष की आयु 18 वर्ष भी नहीं थी जब इसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कैराना लोकसभा का चुनाव लड़ा था. चुनाव आयोग में भी इसने जाली दस्तावेज दिए थे. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह लोन करता था और उन पर कब्जे करता था. इसने एक महिला के साथ रेप भी किया है. गोंडा में गोरखपुर बॉर्डर पर नवनीत राणा को गाय से भरा ट्रक पास करने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की थी. नवनीत राणा ने स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर आशुतोष पांडे पर मुकदमा लिखा. इसके बाद आशुतोष पांडे ने एसपी नवनीत राणा 2 सीओ व 4 पुलिस कर्मियों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया. इसने जेल में रहते हुए बसपा की सरकार में सतीश मिश्रा के फर्जी लेटर पर एक जेलर का ट्रांसफर कर दिया था.
शामली से पंकज कुमार की रिपोर्ट














