'अग्निपथ' के खिलाफ प्रदर्शन मामले में उत्तर प्रदेश में अब तक 260 लोग गिरफ्तार, छह केस दर्ज

बलिया में ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ नौजवानों ने बलिया रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के खाली डिब्बे में आग लगा दी और कुछ बसों में तोड़फोड़ की. इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

विज्ञापन
Read Time: 12 mins
अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवा की निगरानी करती पुलिस (फाइल फोटो)
लखनऊ:

सशस्त्र बलों में भर्ती की केन्द्र की नई 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन किया. बलिया में प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रेन के खाली डिब्बे को आग के हवाले कर दिया और अलीगढ़ में एक पुलिस चौकी फूंक दी गई. हिंसक प्रदर्शन के मामले में प्रदेश में अब तक 260 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में कुछ नौजवानों के एक समूह ने अलीगढ़-पलवल राज्यमार्ग पर स्थित जट्टारी पुलिस चौकी में आग लगा दी. इसके अलावा उन्होंने पुलिस के एक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया.

260 लोगों को गिरफ्तार किया गया

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अलीगढ़ और टप्पल के बीच फंसे कुछ निजी वाहनों पर पथराव भी किया. हिंसक प्रदर्शन के दौरान खैर के पुलिस क्षेत्राधिकारी इंदु सिद्धार्थ घायल भी हो गए. हालांकि उन्हें मामूली चोटें आई हैं. कुमार ने बताया कि प्रदेश में 17 जगहों से धरना प्रदर्शन की सूचना आई है. हिंसक घटनाओं के मामले में वाराणसी में तीन और फिरोजाबाद, अलीगढ़ और गौतम बुद्ध नगर जिलों में एक-एक मुकदमा दर्ज किया गया है. वारदात ग्रस्त पांच जिलों में कुल 260 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

प्रशांत कुमार बताया कि सबसे ज्यादा 109 गिरफ्तारियां बलिया में की गई हैं। इसके अलावा मथुरा में 70, अलीगढ़ में 31, वाराणसी में 27 और गौतम बुद्ध नगर में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि जिले में हिंसा के मामले में 30 लोगों को हिरासत में लिया गया. हिंसाग्रस्त टप्पल इलाके में बल ने फ्लैग मार्च किया. उन्होंने बताया कि घटना के बाद पुलिस की साइबर सेल के माध्यम से सोशल मीडिया पर पैनी निगाह रखी जा रही है. 

आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

बलिया में ‘अग्निपथ' योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ नौजवानों ने बलिया रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के खाली डिब्बे में आग लगा दी और कुछ बसों में तोड़फोड़ की. इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. बलिया की जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है. सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है. जांच के बाद आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है. वीडियो में कुछ युवा रेल की पटरी उखाड़ने का प्रयास करते और रेलवे की संपत्ति में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं. वीडियो के अनुसार बलिया-वाराणसी मेमू और बलिया-शाहगंज ट्रेन में भी तोड़फोड़ की गई व प्लेटफार्म पर दुकानों को भी निशाना बनाया गया. रोडवेज से अनुबंधित दो बस में भी तोड़फोड़ की गई. अपर पुलिस अधीक्षक तिवारी ने बताया कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

युवाओं ने की ये अपील

बलिया में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि वो सरकार से हाथ जोड़कर विनती करता है कि ‘अग्निपथ' योजना को वापस ले लिया जाए क्योंकि इस निर्णय से सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के सपने चकनाचूर हो रहे हैं. युवक ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील करता है कि इस योजना को वापस ले लें.

Advertisement

यह भी पढ़ें -

अग्निपथ प्रदर्शन पैसेंजर्स के लिए बना मुसीबत, घंटों तक करना पड़ रहा है ट्रेन का इंतजार

अग्निपथ प्रदर्शन: 340 ट्रेन प्रभावित, 234 रद्द; रेल मंत्री ने की रेलवे की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील

Featured Video Of The Day
Trump vs Khamenei: America के टारगेट सेट हो चुके हैं? | Iran Protest | Shubhankar Mishra | Kachehri
Topics mentioned in this article