- काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट और पथराव की घटना से तनाव फैल गया
- मारपीट की शुरुआत रुइया हॉस्टल के छात्र पीयूष तिवारी की बिड़ला हॉस्टल के छात्रों द्वारा पिटाई से हुई
- मारपीट और पत्थरबाजी के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे विश्वविद्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया
वाराणसी का काशी हिंदू विश्वविद्यालय गुरुवार को एक बार फिर हंगामा और मारपीट की भेंट चढ़ गया.यहां छात्रों के दो गुटों के बीच पहले तो मारपीट हुई, उसके बाद जमकर पत्थर बरसाए गए. पथराव की ये घटना बिरला और रुइया हॉस्टल के छात्रों के बीच हुई. मामले की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची. हालात पर काबू पने के लिए पूरी यूनिवर्सिटी को छावनी में तब्दील कर दिया गया. हर तरफ पुलिस ही पुलिस नजर आई.
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जानकारी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के रुइया हॉस्टल में रहने वाले पीयूष तिवारी की बिड़ला हॉस्टल के कुछ छात्रों ने पिटाई कर दी थी. इस बात की जानकारी मिलते ही छात्र बड़ी संख्या में बिड़ला चौराहे पर पहुंचे और वहां मारपीट और पत्थरबाजी शुरू कर दी. जिसके बाद हालात काबू में करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा.
पुलिस की टीम ने मारपीट की घटना में घायलछात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया. इसके साथ ही हॉस्टल में अनाधिकृत रूप से रहने वाले छात्रों पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत हरकत में आया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर छात्रावास को अनधिकृत छात्रों से तुरंत खाली करवाना शुरू किया.
वाराणसी कमिश्नरेट, काशी जोन डीसीपी गौरव बंसवाल ने पुलिस की टीमों को साफ-साफ निर्देश दिए कि सभी लोग लाठी हाथ में रखें, लेकिन याद रहे कि जब तक किसी उच्च अधिकारी के साफ निर्देश ना हों तब तक अनावश्यक बल प्रयोग ना किया जाए. पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम यहां इसलिए आए हैं कि अनाधिकृत रूप से हॉस्टल में रह रहे लोगों को बाहर निकाला जा सके. हमें यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्रवाई में मदद करनी है.













