- UP में निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया के तहत कुल 2 करोड़ 5 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं.
- गोरखपुर में 4 लाख 21 हजार से अधिक मतदाता कटे और फाइनल वोटर संख्या लगभग 32 लाख 45 हजार रह गई है.
- कन्नौज जिले में लगभग पौने 3 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, अंतिम वोटर संख्या 10 लाख 67 हजार के करीब बनी है.
UP SIR Final Data: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है. इस चुनाव से पहले यूपी के वोटर लिस्ट की गहन जांच के बाद लाखों वोटरों के नाम हटाए गए है. निर्वाचन आयोग द्वारा यूपी में चले वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) के बाद पूरे राज्य से 2 करोड़ 5 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं. निर्वाचन आयोग ने यूपी के सभी जिलों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है. SIR की प्रक्रिया के तहत यूपी के बड़े नेताओं सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के जिले में क्या हुआ? आइए जानते हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ के जिले गोरखपुर में क्या हुआ?
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर की बात करें तो यहां कुल 9 विधानसभा सीटें हैं. इनमें कुल 4 लाख 21 हज़ार 092 नाम कट गए हैं. यहां एसआईआर के बाद कुल वोटर्स की संख्या 32 लाख 45 हज़ार 441 बची है. एसआईआर से पहले गोरखपुर के कुल 36 लाख 66 हजार 533 मतदाता थे. ड्रॉफ्ट लिस्ट में कुल 6 लाख 45 हज़ार मतदाताओं के नाम काट दिए गए. हालांकि नाम जोड़ने के अभियान में कुल 2 लाख 42 हजार 645 के नाम जुड़ गए और 18 हजार 132 नाम पार्टियों के आधार पर कट गए.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जिले का हाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव कन्नौज से सांसद हैं. कन्नौज में कुल तीन विधानसभा सीटें हैं. इन तीन सीटों में क़रीब पौने 3 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं. कन्नौज में कुल वोटर्स की संख्या 10 लाख 67 हजार 932 रह गई है. पहले जिले की तीनों विधानसभाओं में 12 लाख 89 हजार 220 मतदाता थे.
अभियान के दौरान करीब 2 लाख 80 हजार मतदाता गायब मिले. जिन्हे एब्सेंट की श्रेणी में रखकर कई बार ढूंढने की कोशिश हुई, लेकिन न मिलने पर सभी नाम काट दिये गये. 55 हजार के करीब नए वोटर बढ़े हैं, जिन्हे मिलाकर फाइनल लिस्ट में 10 लाख 67 हजार 220 वोटर हुए हैं.
मायावती के जिले का हाल जानिए
यूपी की पूर्व सीएम और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती का जिला गौतमबुद्धनगर है. दिल्ली के पास स्थित गौतमबुद्धनगर जिला नोएडा, ग्रेटर नोएडा जैसे हाईटेक मेट्रो शहरों के लिए जाना जाता है. गौतमबुद्धनगर जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं- दादरी, नोएडा और जेवर. यूपी एसआईआर के तहत गौतमबुद्धनगर जिले से 3.60 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से हटाए गए है.
SIR से पहले जिले में कुल 18.65 लाख मतदाता दर्ज थे. जो छंटनी के बाद जनवरी 2026 तक घटकर 14.18 लाख रह गए थे. हालांकि, नए पंजीकरण के बाद 10 अप्रैल 2026 तक यह संख्या थोड़ी सुधरकर 15.05 लाख पहुंची. ऐसे में एसआईआर की प्रक्रिया के तहत गौतमबुद्धनगर जिले में 3.60 वोटरों के नाम हटाए गए हैं.
बीजेपी का सिरदर्द क्यों बढ़ा?
सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विपक्ष ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. वहीं बीजेपी नेतृत्व की चिंता ये है कि वो शहरी इलाके जहां उसका प्रभाव ज्यादा रहा है, वहां ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं. ऐसे में कहीं ये एसआईआर उनके लिए मुश्किल ना पैदा कर दे.
बीजेपी ने अपने एजेंट को कई बार बैठकें करके अपने वोटर्स के नाम जुड़वाने का अभियान चलाया लेकिन फाइनल वोटर लिस्ट देखकर पार्टी नेतृत्व के माथे की चिंता बढ़ गई है. अब बीजेपी फाइनल वोटर्स लिस्ट के आधार पर अपना नया डेटा बैंक तैयार करने का काम करेगी.
सपा भी पूरे वोटर्स लिस्ट की कर रही छानबीन
समाजवादी पार्टी ने अपने बूथ लेवल इवेंट्स को पूरे एसआईआर में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का अभियान चलाया. इस अभियान में शामिल कार्यकर्ताओं को पीडीए प्रहरी का नाम दिया गया. सपा का कहना है कि उनके प्रहरियों ने अपने वोट बचाने के लिए बूथ लेवल पर बहुत मेहनत की है.
चुनाव आयोग पर निष्पक्ष ना होने का आरोप लगाने के साथ सपा का मानना है कि उनके कार्यकर्ताओं की मेहनत की वजह से ही जितने वोट काटे जा सकते थे, उतने नहीं कटे. हालांकि सपा को अभी आशंका है कि उनके वोटर्स के साथ “खेल” ना हुआ हो, इसलिए वो पूरे वोटर्स लिस्ट की छानबीन कर रहे हैं.
UP SIR फाइनल वोटर लिस्ट के आंकड़ें
SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार यूपी में अब कुल वोटर्स की संख्या 13,39,84,792 हो गई है. ड्रॉफ्ट सूची में ये आंकड़ा 12,55,56,025 था. एसआईआर से पहले यूपी में कुल वोटर्स की संख्या 15 करोड़ 44 लाख वोटर्स थे. एसआईआर शुरू होने के बाद जब ड्रॉफ्ट सूची आई थी, तब 2 करोड़ 89 लाख नाम कट गए थे. हालांकि ड्रॉफ्ट लिस्ट के बाद वोटर्स को एक मौका और दिया गया. इस दौरान 84,28,767 नाम जुड़े. यानि कि यूपी में एसआईआर की प्रक्रिया में कुल 2 करोड़ 5 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं.
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