आगरा, बरेली और प्रयागराज में बनेंगे नए सैटेलाइट टाउन, 3500 करोड़ के बजट से 225 करोड़ जारी

उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए योगी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए सैटेलाइट टाउन (टाउनशिप) विकसित किए जाएंगे. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 3500 करोड़ के बजट में से 225 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins

उत्तर प्रदेश में महानगरों पर आबादी के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना' के तहत प्रदेश के तीन प्रमुख शहर आगरा,बरेली और प्रयागराज में नए टाउनशिप के विकास को हरी झंडी दे दी है. सरकार के इस फैसले से न सिर्फ इन शहरों का सुनियोजित विस्तार होगा, बल्कि नागरिकों को वर्ल्ड क्लास और अत्याधुनिक आवासीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी.कैबिनेट बैठक के बाद सरकार के इस बड़े फैसले की आधिकारिक जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस योजना से प्रदेश के शहरों में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा.

3500 करोड़ का भारी-भरकम बजटीय आवंटन

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 3,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है.

जानकारी के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत तीनों शहरों यानि आगरा, बरेली और प्रयागराज में बुनियादी ढांचे और टाउनशिप के विकास के लिए कुल 355.06 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी मंजूर की गई है. विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो, इसके लिए सरकार ने तत्परता दिखाते हुए पहली किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति देकर धनराशि भी जारी कर दी है.

आसान वित्तीय नियम और 'सीड कैपिटल' का फॉर्मूला

बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों और जमीन अधिग्रहण की जटिलताओं से निपटने के लिए इस योजना के तहत वित्तीय नियमों को काफी व्यावहारिक बनाया गया है. नए शहरों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) पर होने वाले कुल खर्च का 50 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार खुद 'सीड कैपिटल' के रूप में संबंधित विकास प्राधिकरणों को उपलब्ध करा रही है. इस सरकारी मदद को अधिकतम 20 वर्षों की लंबी अवधि के लिए ब्याज मुक्त या बेहद आसान शर्तों पर दिया जा रहा है. इस व्यवस्था से आगरा विकास प्राधिकरण (ADA), बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) को बड़े पैमाने पर बिना किसी वित्तीय संकट के जमीन अधिग्रहण करने और विकास कार्य शुरू करने में सहूलियत मिलेगी.

6 अप्रैल 2023 की गाइडलाइन बना आधार 

योगी सरकार की ओर से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने और लशहरों के सुनियोजित विस्तार के लिए गाइडलाइन 6 अप्रैल 2023 को ही जारी कर दिए गए थे.इसके तहत वित्तीय नियमों को बेहद सुगम बनाया गया है. नए शहरों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) पर होने वाले कुल खर्च का 50 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार द्वारा 'सीड कैपिटल' के रूप में विकास प्राधिकरणों को दिया जाता है. इसके अलावा ताजा कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया गया है कि-

Advertisement
"पारंपरिक शहरों के 'कोर एरिया' का अब और विस्तार संभव नहीं है. वहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर दम तोड़ रहा है. इसलिए आगरा में इंटरनेशनल टूरिज्म, बरेली में तेजी से बढ़ते इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स और प्रयागराज में महाकुंभ के बाद बढ़े ग्लोबल पहुंच की वजह से उनके समानांतर नए सैटेलाइट टाउन विकसित करना ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है"

महानगरों पर घटेगा दबाव, बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर

विशेषज्ञों और विभागीय रिपोर्टों के अनुसार, आगरा में पर्यटन, बरेली में औद्योगिक विस्तार और प्रयागराज में महाकुंभ के बाद बढ़े आवासीय व प्रशासनिक महत्व के कारण नए उप-नगरों (सैटेलाइट टाउन्स) की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी. सरकार की इस पहल से इन मुख्य महानगरों के कोर इलाकों पर आबादी और यातायात का बोझ काफी कम हो जाएगा. इन नए और आधुनिक शहरों को 'स्मार्ट सिटी' की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहाँ चौड़ी सड़कें, सुव्यवस्थित जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम), ग्रीन बेल्ट, अंडरग्राउंड वायरिंग और आधुनिक कमर्शियल जोन होंगे. इससे आने वाले समय में इन शहरों के नागरिकों को एक साफ-सुथरे और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नए परिवेश में रहने का अवसर मिलेगा.
ये भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में 200 से ज्यादा पुलिस अफसरों के ट्रांसफर, लखनऊ, प्रयागराज से वाराणसी तक तबादले
ये भी पढ़ें: यूपी पंचायत चुनाव में देरी क्यों, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, OBC कमीशन, चुनाव शेड्यूल पर सवाल

Featured Video Of The Day
दिल्ली अग्निकांड के पीड़ितों से मिलने अस्पताल पहुंचीं रेखा गुप्ता!
Topics mentioned in this article