- हरदोई जिले में बसपा पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र चौधरी को सीबीआई ने चुनावी घूसकांड के आरोप में हिरासत में लिया
- टीम ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 50 हजार रुपये की घूस मामले में नेताजी से लगभग 6 घंटे पूछताछ की
- शिकायतकर्ता सीमा नामक महिला ने आरोप लगाया कि सुरेश चंद्र चौधरी ने लोन पास कराने के नाम पर घूस ली थी
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में राजनीति के मैदान में दांव-पेच लड़ाने वाले बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र चौधरी के लिए मंगलवार की शाम किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं रही. बसपा नेता कछौना के मुसलमाना सपहैया में कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी बिसात बिछाने की तैयारी कर रहे थे कि तभी दिल्ली और लखनऊ नंबर की चमचमाती गाड़ियों ने दस्तक दे दी.कार्यकर्ताओं को लगा शायद कोई बड़ा मिशन है, लेकिन जब गाड़ियों से CBI की टीम उतरी तो सबके होश फाख्ता हो गए. देखते ही देखते पूरी तस्वीर पलटी और टीम बसपा नेता को अपने साथ ले गई.
करीब 6 घंटों तक चली इस हाई-वोल्टेज पूछताछ में नेताजी के पसीने छूट गए. उनके साथी को तो मोबाइल जब्त कर छोड़ दिया गया,लेकिन नेताजी को टीम अपने साथ लखनऊ ले गई है. खबर है कि यह पूरी कार्रवाई सीमा नाम की एक महिला जो बघौली थाना क्षेत्र के अछरामऊ की रहने वाली है,उनकी शिकायत पर हुई है.
आरोप है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लोन पास कराने के नाम पर नेताजी ने 50 हजार रुपये की घूस ली थी. बेचारी महिला बैंक के चक्कर काटती रही और यहाँ नेताजी कमीशन का खेल खेल गए.जब सीबीआई का शिकंजा कसा तो बसपा नेता का सुर बदल गया और उन्होंने सारा ठीकरा एक बैंक मैनेजर पर फोड़ते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. हालांकि टीम ने उनकी एक न सुनी और कागजी कार्रवाई पूरी कर उन्हें लखनऊ रवाना कर दिया.कछौना कस्बे में इस छापेमारी के बाद से हड़कंप मचा है. लोग चुटकी ले रहे हैं कि युवाओं को उद्यमी बनाने चले नेताजी नेताजी खुद ही CBI के शिकंजे में आ गए. अब देखना यह है कि लखनऊ पहुंचने के बाद नेताजी इस घूसकांड की आग से खुद को कैसे बचा पाते हैं.














