- यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन ने CSA यूनिवर्सिटी का निरीक्षण करते हुए छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना
- छात्राओं ने वजीफा और स्कॉलरशिप की देरी से फीस और जरूरी खर्चों में मुश्किलों की शिकायत की थी
- राज्यपाल ने डीन और अधिकारियों को तत्काल समाधान के लिए समाज कल्याण विभाग से समन्वय करने के निर्देश दिए
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने CSA यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया. पूरे दौरे के दौरान उनका अंदाज बेहद कड़क और अनुशासनप्रिय दिखा. निरीक्षण के दौरान छात्राओं की समस्याएं सुनते ही उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कराईं और लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक शिक्षक से साफ कहा-“सॉरी टू से… आप टीचर बनने लायक नहीं.”
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छात्राओं की शिकायतें सुनकर डीन और टीचरों की क्लास
निरीक्षण की शुरुआत शाम 4:15 बजे कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस से हुई. फिर वे गोदावरी गर्ल्स हॉस्टल पहुंचीं, जहां उन्होंने पहले मेस का खाना चखा. छात्राओं ने खाने की गुणवत्ता को ठीक बताया, लेकिन स्कॉलरशिप और वजीफे को लेकर अपनी परेशानी खुलकर रखी. छात्राओं ने कहा कि वजीफा समय पर न मिलने से फीस भरने, किताबें खरीदने, और दैनिक खर्च पूरे करने में काफी मुश्किलें आती हैं.
यह सुनकर राज्यपाल ने मौके पर ही डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मुनीश गंगवार को निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. समाज कल्याण विभाग से समन्वय कर तुरंत समाधान करें
स्पोर्ट्स ग्राउंड टाइमिंग पर छात्राओं की आपत्ति
सबसे अहम मुद्दा तब सामने आया जब छात्राओं ने शिकायत की कि यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स ग्राउंड में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित नहीं है, जिससे उन्हें असहजता से जूझना पड़ता है. इसी पर वहां मौजूद एक शिक्षक द्वारा सफाई देने की कोशिश राज्यपाल को नागवार गुजरी. उनका रवैया और व्यवस्था देखकर राज्यपाल भड़क उठीं और पूरे स्टाफ के सामने डांटते हुए कहा कि सॉरी टू से, आप टीचर के लायक ही नहीं हैं.
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लापरवाही पर राज्यपाल का सख्त संदेश
इस एक टिप्पणी ने ही पूरे माहौल में हड़कंप मचा दिया. राज्यपाल ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिक्षक को फटकार लगाने के बाद राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सुविधा और समय प्रबंधन
में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए.














