1.60 लाख का बिजली बिल! सदमे में हो गई इटावा के चायवाले की मौत, परिजनों ने काटा खूब बवाल

परिजनों के अनुसार मृतक शिवपाल भरथना के शिवपाल महावीर नगर में चाय की दुकान चलाते थे.उनका बिजली बिल पहले 1200 से 1500 रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद तीन महीने में करीब 1 लाख 60 हजार रुपये का बिल आ गया.

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  • उत्तर प्रदेश के इटावा में बिजली विभाग की चूक के कारण चायवाले शिवपाल की मौत हार्ट अटैक से हुई
  • स्मार्ट मीटर लगने के बाद तीन महीने में शिवपाल के बिजली बिल की राशि एक लाख साठ हजार रुपये पहुंच गई
  • परिवार का आरोप है कि भारी बिल के कारण शिवपाल पर विभाग ने मानसिक दबाव बनाया और संतोषजनक जवाब नहीं दिया
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इटावा:

उत्तर प्रदेश के इटावा में बिजली विभाग की लापरवाही या कहें चूक के चलते एक चायवाले को अपनी जान गंवानी पड़ गई. मामला यहीं नहीं शांत हुआ, पीड़ित परिवार का आरोप है कि बिजली विभाग पर मानसिक दबाव भी बनाया. परिजनों ने मृतक का शव विभागीय कार्यालय में रखकर विरोध प्रदर्शन किया. हालात बिगड़ते देख विभागीय कर्मचारी कार्यालय में ताला लगाकर मौके से चले गए. इसके बाद सूचना पर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया.

क्या है पूरा मामला?

परिजनों के अनुसार मृतक शिवपाल भरथना के शिवपाल महावीर नगर में चाय की दुकान चलाते थे.उनका बिजली बिल पहले 1200 से 1500 रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद तीन महीने में करीब 1 लाख 60 हजार रुपये का बिल आ गया.भारी बिल को लेकर वह लगातार बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. परिवार का आरोप है कि लगातार मानसिक तनाव के कारण शिवपाल को हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई. काफी समझाइश के बाद मामला शांत हुआ. परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए अंतिम संस्कार कर दिया. वहीं एसडीओ दिलीप साहू ने बताया कि बिल अधिक आने की शिकायत मिली है, जिसकी जांच कराई जाएगी.

बिजली बिल जांच कराने की बात कही गई 

भरथना में भारी बिजली बिल के विवाद ने एक अधेड़ की जान ले ली.परिजनों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और मानसिक दबाव के चलते यह घटना हुई. शव को बिजली विभाग कार्यालय में रखकर विरोध किया गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई. पुलिस और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया. फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और बिल की जांच की बात कही जा रही है.एसडीओ का कहना है कि बिल अधिक आने की शिकायत की जांच कराई जाएगी, जबकि मृतक की पुत्री ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 

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