यूपी सीएम सिंगापुर के बाद जापान यात्रा पर है. इस दौरान उन्होंने सबसे फास्ट 'मैग्लेव ट्रेन' में सफर किया. इस सफर में ट्रेन की एवरेज स्पीड 500 किमी प्रति घंटा थी. सीएम योगी ट्रेन में बैठकर काफी उत्सुक दिखाई दे रहे थे. उन्होंने 10 मिनट में 100 किमी का सफर तय किया. बता दें कि मैग्लेव ट्रेन की टॉप स्पीड 603 किमी प्रति घंटा होती है.
क्या है मैग्लेव तकनीक?
मैग्लेव (Maglev) यानी 'मैग्नेटिक लेविटेशन' तकनीक एक ऐसी उन्नत प्रणाली है जिसमें ट्रेन पटरियों को छूती नहीं, बल्कि उनके ऊपर तैरती हुई बिजली की रफ्तार से दौड़ती है. मैग्लेव ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता इसका चुंबकीय उत्तोलन (Magnetic Levitation) है. शक्तिशाली चुंबकीय बल के सहारे यह ट्रेन पटरियों से कुछ इंच ऊपर उठी रहती है.
चूंकि ट्रेन और पटरी के बीच कोई फिजिकल संपर्क नहीं होता, इसलिए घर्षण (Friction) पूरी तरह खत्म हो जाता है. घर्षण न होने के कारण यात्रा न केवल तेज होती है, बल्कि बेहद स्मूद, स्थिर और आरामदायक भी बन जाती है. मैग्लेव सिस्टम की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 600 से 700 किमी प्रति घंटा की टॉप स्पीड तक पहुंचने में सक्षम है. चीन ने 2025 में ट्रायल के दौरान ट्रेन की स्पीड 700 किमी/घंटा छूकर मैग्लेव का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया था. वहीं, जापान की L0 सीरीज 600+ किमी/घंटा की टॉप स्पीड छू चुकी है.













