- ईरान युद्ध के कारण यूपी में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि बढ़ाकर पच्चीस दिन कर दी गई है
- पेट्रोल और डीजल की सप्लाई फिलहाल सामान्य है तथा पंपों पर चार दिन का स्टॉक उपलब्ध है
- LPG सप्लाई में प्राथमिकता हॉस्पिटल और शिक्षा संस्थानों को दी जाएगी, होटल रेस्टोरेंट को अंतिम प्राथमिकता मिलेगी
ईरान वॉर की वजह से यूपी में पेट्रोल डीज़ल और एलपीजी सप्लाई को लेकर तरह तरह की बातें की जा रही हैं. फिलहाल कुछ जगहों पर लाइन लगाकर लोग गैस सिलेंडर खरीद रहे हैं तो कुछ लोग आने वाले दिनों में आ सकने वाली दिक्कतों का अनुमान लगाकर एलपीजी सिलेंडर ख़रीदकर अपने पास रख लेना चाहते हैं. इसी वजह से घरेलू सिलेंडर बुक करने की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है. साथ ही कमर्शियल सिलेंडर अब प्राथमिकता के आधार पर दिए जाएंगे.
इंडियन ऑयल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और स्टेट हेड संजय भंडारी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल सप्लाई में फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने बताया कि एलपीजी सप्लाई में संभावित दिक्कतें को देखते हुए कुछ कदम उठाए गए हैं. सप्लाई चैन को ठीक रखने को कवायद के तौर पर बुकिंग्स की अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया है. कस्टमर्स पहले 21 दिन में सिलेंडर बुक कर सकते थे, जिसको बढ़ाकर 25 दिन किया गया है. साथ ही ये सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि गैस सिलेंडर की सप्लाई ओटीपी आधारित रहे, जिससे असल उपभोक्ता को ही गैस मिल सके.
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भंडारी ने कहा कि इसके अलावा कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई में हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स को छोड़कर अन्य जगहों पर प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई दी जाएगी. होटल और रेस्टोरेंट्स की सप्लाई सबसे अंतिम प्राथमिकता रहेगी. प्रोडक्शन को लेकर उन्होंने कहा कि प्रोडक्शन करने वाली यूनिट्स एलपीजी प्रोडक्शन को प्रायोरिटी देंगी. उन्होंने बताया कि पेट्रोल डीजल का स्टॉक पंप्स पर चार दिन का और डिपो का स्टॉक लगभग दो हफ़्ते का है. ये बिल्कुल आम दिनों जितना स्टॉक है, इसलिए पेट्रोल डीज़ल को लेकर कोई दिक्कत फ़िलहाल नहीं है.
सूत्रों से मिली के मुताबिक, इंडिया में होने वाली गैस सप्लाई का 70 फ़ीसदी हिस्सा विदेश से आता है और 30 फीसदी हिस्सा देश में ही मिलता है. वहीं पेट्रोल डीज़ल का क्रूड ऑयल का 90 फ़ीसदी हिस्सा गल्फ देशों से और 10 फीसदी यूनाइटेड स्टेट्स से आता है. गल्फ देशों से क्रूड ऑयल की सप्लाई पहुंचने में करीब चार दिन लगते हैं, वहीं अमेरिका से सप्लाई आने में लगभग 40 दिन लग जाते हैं. ऑयल और एलपीजी के बिजनेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हाल फ़िलहाल में यूपी में अगर कहीं थोड़ी बहुत दिक्कत दिखी है, उसकी मुख्यतः दो वजहें हैं.
पहली वजह होली की वजह से ऑयल टैंकर्स के ड्राइवर्स और स्टाफ के छुट्टी जाने से दिखाई दिया है वहीं दूसरी वजह नेपाल में हुआ चुनाव है. नेपाल चुनाव की वजह से बॉर्डर सील रहा और नेपाल जाने आने वाली बहुत सी गाड़ियों के आने जाने में दिक्कत आई. हालांकि अब ये व्यावहारिक दिक्कतें दूरी हो चुकी हैं. फिलहाल ऑयल और एलपीजी की समस्या यूपी में दिखाई नहीं दे रही है लेकिन कहीं ना कहीं युद्ध की वजह से भविष्य में दिक्कत की आशंका की वजह से ज़रूर लोगों में थोड़ी उलझन बनी हुई है.














