- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिला अस्पताल में 58 वर्षीय कलेश्वरी देवी ने तीसरी मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या की।
- महिला को पेट दर्द और तेज बुखार की शिकायत पर 27 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
- सीसीटीवी फुटेज में रात के करीब बारह बजे कलेश्वरी देवी को छत की ओर जाते हुए देखा गया।
यह अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली घटना है. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां उपचाराधीन एक बुजुर्ग महिला ने अस्पताल की तीसरी मंजिल की छत से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. इस घटना ने न केवल अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, बल्कि अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है.
ग्राम सेंदुर की रहने वाली थीं कलेश्वरी देवी
मृतका की पहचान 58 वर्षीया कलेश्वरी देवी के रूप में हुई है, जो जिले के ग्राम सेंदुर की रहने वाली थीं. परिजनों के अनुसार, कलेश्वरी देवी को लगातार पेट दर्द और तेज बुखार की शिकायत थी, जिसके चलते उन्हें 27 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पिछले तीन दिनों से उनका उपचार चल रहा था और स्थिति सामान्य की ओर बढ़ रही थी, परंतु किसी को भी उनके इस खौफनाक कदम का अंदेशा नहीं था.
सीसीटीवी फुटेज वायरल
अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की जांच से पता चला कि 30 अप्रैल की रात करीब 12:30 बजे, जब पूरा अस्पताल और उनके साथ मौजूद परिजन गहरी नींद में थे, कलेश्वरी देवी अचानक अपने बिस्तर से उठीं. फुटेज में उन्हें सामान्य भाव से सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर जाते हुए देखा गया.
थोड़ी देर बाद जब परिजनों की नींद खुली और कलेश्वरी देवी बेड पर नहीं मिलीं, तो अफरा-तफरी मच गई. परिजनों ने उन्हें अस्पताल के वार्ड, बाथरूम और गैलरी में खोजा. काफी तलाश के बाद जब उन्होंने नीचे आंगन की तरफ झांककर देखा, तो बुजुर्ग महिला जमीन पर लहूलुहान और गंभीर स्थिति में पड़ी मिलीं.
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया
परिजनों और अस्पताल स्टाफ ने तुरंत उन्हें उठाकर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया. प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत और शरीर की कई हड्डियां टूटने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर कर दिया. दुर्भाग्यवश, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं.
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता ने बताया कि महिला का इलाज प्रोटोकॉल के तहत चल रहा था और रात में उनके साथ दो परिजन भी मौजूद थे. प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है और प्रबंधन की ओर से कोई चिकित्सकीय लापरवाही नहीं हुई है." फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आत्महत्या के स्पष्ट कारणों की जांच की जा रही है कि क्या महिला किसी मानसिक तनाव में थी या बीमारी की पीड़ा से त्रस्त होकर उन्होंने यह घातक कदम उठाया.
महत्वपूर्ण नोट: आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. यदि आप या आपके जानने वाले किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, तो कृपया सहायता लें. आप भारत में 'किरण' (Kiran) मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 1800-599-0019 पर संपर्क कर सकते हैं.
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