'परिवार पहले, पार्टी बाद में', UGC बवाल पर BJP नेताओं को चूड़ियां भेज रहे रायबरेली के नेता

यूजीसी के नए नियमों को लेकर अब बवाल बढ़ता जा रहा है. इस बीच रायबरेली के बीजेपी और गौरक्षा दल के नेता बीजेपी सांसदों-विधायकों और मंत्रियों को चूड़ियां भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

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  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जातिगत भेदभाव रोकने के लिए नए सख्त नियम लागू किए हैं, जिनका विरोध बढ़ रहा है
  • सवर्ण वर्ग के लोग इन नियमों से खुद को निशाना मानते हुए आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं
  • रायबरेली में किसान नेता और हिंदू संगठन उन नेताओं को चूड़ियां भेजने की तैयारी कर रहे हैं जो विरोध नहीं कर रहे
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रायबरेली:

जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए आए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है. देशभर में UGC के नियमों को लेकर विरोध हो रहा है. अब बीजेपी में भी इसे लेकर विरोध बढ़ रहा है. कई बीजेपी नेता नियमों के विरोध में अपना इस्तीफा दे चुके हैं. इसी बीच रायबरेली में विरोध और तेज हो गया है और यहां के किसान नेता और हिंदू संगठन उन नेताओं को चूड़ियां भेजने की तैयारी कर रहे हैं, जिन्होंने इन नियमों का विरोध नहीं किया.

दरअसल, UGC ने हाल ही में नए नियम जारी किए हैं, ताकि कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में जातिगत भेदभाव को रोका जा सके. इसमें कुछ सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिसे लेकर सवर्ण नाराज हो गए हैं. उनका कहना है कि इन नियमों से सवर्ण छात्रों को निशाना बनाया जा सकता है. सवर्णों ने इन नियमों के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है.

इस बीच, रायबरेली में बीजेपी किसान नेता और हिन्दू रक्षा दल ने UGC के नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इन नेताओं ने सभी सवर्ण जातियों के उन नेताओं को चूड़ियां भेजने की तैयारी शुरू कर दी है जिन नेताओं ने नियमों के खिलाफ आवाज नहीं उठाई है.

क्यों भेज रहे हैं चूड़ियां?

बीजेपी नेता और गौ रक्षा दल के नेता बीजेपी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को चूड़ियां भेजने की तैयारी कर रहे हैं. बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह का कहना है कि 'परिवार पहले है और पार्टी बाद में. मैं 40 साल से बीजेपी से जुड़ा हुआ हूं लेकिन क्या हुआ? चूड़ियां मैं इसलिए भेज रहा हूं कि जिन सांसदों-विधायकों को चुनकर भेजा गया है, वो आकर घर पर रोटियां बनाएं और उनकी पत्नियां सांसद-विधायक बनें. वो कम से कम संघर्ष कर सकती हैं. ये सांसद-विधायक और मंत्री कुछ बोल नहीं सकते हैं.' 

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उन्होंने कहा कि 'कम से कम कुछ तो सोचो, जो अपनी जाति का नहीं, अपने घर का नहीं, वो किसी का नहीं. जीवन रहे या चले जाए लेकिन विरोध होता रहेगा. उन्होंने कहा कि इन नियमों का नुकसान ये होगा कि हमारे बच्चे इंटर के बाद पढ़ ही नहीं पाएंगे.'

रमेश बहादुर सिंह और महेंद्र पांडे.

अब महिलाएं देश को संभालेंगी: गौ रक्षा दल के नेता

गौ रक्षा दल के नेता महेंद्र पांडेय ने कहा कि 'हम बीजेपी के उन नेताओं को चूड़ियां भेज रहे हैं, जिनके मुंह में दही जम गया है. चूड़ियां इसलिए भेज रहा हूं क्योंकि ये महिलाएं ही अब देश को संभालेंगी. क्योंकि ये बहरुपिये हैं, इनसे हो नहीं रहा है. नेता लोग सिर्फ मलाई चाट रहे हैं. चूड़ी को पहन लें और घर में जो गृहिणी हैं, वो मैदान में आ जाएं, क्योंकि इनसे तो कुछ हो नहीं रहा है.'

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उन्होंने कहा कि 'सवर्ण बच्चा कोई गलती करेगा तो उसको अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया जाएगा और सीधे सजा दे दी जाएगी. आपने पहले हिंदू-मुस्लिम में बांटा और अब जातियों में बांट रहे हैं. ये देश कहां जाएगा. बीजेपी की मंशा सवर्णों को खत्म करने की है. हम ये नहीं होने देंगे. हम जातियों में नहीं बंटने देंगे.' उन्होंने कहा कि विधायक-सांसद तो अपने बच्चों को दूसरे देश में पढ़ाते हैं, इसलिए इसका विरोध नहीं कर रहे हैं. 

(रायबरेली से फैज अब्बास)

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