रामलला के मस्तक पर सूर्य देव करेंगे तिलक, रामनवमी पर अयोध्या में दिखेगा भव्य दिव्य नजारा

राम नवमी के मौके पर आज अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में दोपहर 12 बजे सूर्य तिलक होगा. सूर्य की किरणें चार मिनट रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी. भारी भीड़ के मद्देनज़र विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे.

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  • राम नवमी के मौके पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के सूर्य तिलक की विशेष तैयारियां की गई हैं.
  • सूर्य तिलक के समय 12 बजे सूर्य की किरणें चार मिनट तक रामलला के मस्तक पर स्थिर रहेंगी, जो एक ऐतिहासिक पल होगा.
  • देश-विदेश से श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देखने अयोध्या पहुंच रहे हैं, और मंदिर में भारी भीड़ जुटी है.
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नई दिल्ली:

राम नवमी को लेकर अयोध्या में उल्लास और भक्ति का माहौल है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के बाल स्वरूप रामलला के ‘सूर्य तिलक' के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. यह अलौकिक दृश्य राम नवमी के दिन ठीक दोपहर 12 बजे देखने को मिलेगा.

निर्धारित समय पर सूर्य की किरणें गर्भगृह में स्थित रामलला के मस्तक पर लगभग चार मिनट तक ठहरेंगी, जिससे एक दिव्य और ऐतिहासिक क्षण साकार होगा. इस पल के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं.

सूर्य तिलक की सटीक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियर लगातार काम कर रहे हैं. बताया गया है कि राम नवमी से पहले दो से तीन ट्रायल रन किए गए हैं, ताकि सूर्य किरणों का संरेखण बिल्कुल सही रहे.

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अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि चैत्र राम नवमी मेला पहले ही शुरू हो चुका है और बीते चार दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. उन्होंने कहा, 'हर दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं.' 

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शहर में लगाई जा रहीं बड़ी स्क्रीन

गोपाल राव के अनुसार, सूर्य तिलक की यह प्रक्रिया दोपहर की आरती के साथ होगी. उन्होंने बताया, 'दोपहर 12 बजे सूर्यदेव भगवान राम को प्रतीकात्मक तिलक अर्पित करेंगे. भगवान राम सूर्यवंश से हैं, इसलिए यह क्षण अत्यंत विशेष है. किरणें लगभग चार मिनट तक मस्तक पर रहेंगी.'

भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर के बाहर और शहर के विभिन्न स्थानों पर बड़े स्क्रीन लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु सूर्य तिलक का दर्शन कर सकें. मंदिर सुबह से देर रात तक दर्शन के लिए खुला रहेगा. साथ ही प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है.

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एक महीने से चल रहीं तैयारियां

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, छायादार स्थल और सामान रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की है. सूर्य तिलक की तैयारियां करीब एक महीने से चल रही हैं और इसका सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए नियमित अभ्यास किया जा रहा है.

अधिकारियों के मुताबिक, सूर्य तिलक की यह परंपरा 19 वर्षों के चक्र पर आधारित है, जिसके तहत हर वर्ष सूर्य की किरणों को इस विशेष तिथि पर सटीक रूप से रामलला के मस्तक तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है.

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