- सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भाजपा का सहयोगी बनने और निष्पक्षता खोने का आरोप लगाया है.
- अखिलेश यादव ने उपचुनावों में फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर कराने को चुनाव नियमों का उल्लंघन बताया है.
- सपा ने नंदलाल को ₹1,00,000 की आर्थिक सहायता दी है और उनके घर में दुर्गा माता मंदिर निर्माण में सहयोग करेगी.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर आज देश का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी का सहयोगी दल बन गया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की काली करतूतों के खिलाफ मजबूरी में काला कोट पहनकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उपचुनावों में जिस तरह की गतिविधियां देखने को मिलीं, उससे साफ है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. यहां तक कि आयोग पर बीजेपी का झंडा लगा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के जरिए फर्जी दस्तक, अंगूठा लगवाना और हस्ताक्षर कराना गंभीर अपराध है, जो चुनाव नियमों की धारा 31 और 32 का खुला उल्लंघन है.
नंदलाल को ₹1,00,000 की सहायता
उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के संगठन, पीडीए पहरी और जिम्मेदार नेताओं द्वारा समय-समय पर जो फॉर्म उपलब्ध कराए गए, उनसे कई फर्जी मामलों की पहचान हुई. नंदलाल जैसे लोग आज सच्चाई के साथ सामने आए हैं. समाजवादी पार्टी ने सहयोग स्वरूप नंदलाल को ₹1,00,000 की सहायता दी है और उनके घर में दुर्गा माता के मंदिर निर्माण में भी पूरा सहयोग करेगी. उन्होंने कहा कि पीडीए की ताकत से ही सच्चाई सामने आ रही है.
फर्जी हस्ताक्षरों का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा, ‘‘यह वही नंदलाल हैं जिनके हस्ताक्षर कथित तौर पर भाजपा द्वारा लिए गए थे. नंदलाल अंगूठे का निशान इस्तेमाल करते हैं.''
'देश का बाजार बड़े हाथों में सौंपने की साजिश..'
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की बातें तो करती है. लेकिन बजट पूरे देश के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ 5 प्रतिशत मल्टीनेशनल कंपनियों और बड़े पूंजीपतियों के लिए बनाया जा रहा है. अमेरिका और यूरोप के साथ जो समझौते हो रहे हैं, वे डील नहीं बल्कि देश का बाजार बड़े हाथों में सौंपने की साजिश हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग में इस्तेमाल हो रहे सॉफ्टवेयर किसके हैं, उन्हें कौन ऑपरेट कर रहा है और बैक-ऑफिस से किसका नियंत्रण है.
उन्होंने मांग की कि फॉर्म-7 की कार्रवाई तुरंत निरस्त की जाए और केवल फॉर्म-6 की प्रक्रिया लागू हो. समाजवादी पार्टी के विधायक पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरेंगे और भ्रष्टाचार, महंगाई, किसानों, नौजवानों, महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराध के मुद्दों को सदन में उठाएंगे.
अखिलेश यादव ने कहा कि आज हालात यह हैं कि गरीब परिवार शादी तक नहीं कर पा रहे, सोना और रोजमर्रा का हर सामान महंगा हो गया है. सरकार को न गरीब की चिंता है, न किसान की, न मरीज की. जेल से अपराधियों का भागना, कोडीन सिरप जैसे नशे का खुलेआम चलना, यह सब सरकारी संरक्षण और मिलीभगत का नतीजा है.
उन्होंने कहा कि कई बीएलओ के बयान सामने आ रहे हैं कि उन्हें दबाया और धमकाया जा रहा है. बावजूद इसके बड़ी संख्या में बीएलओ लोकतंत्र को बचाने के लिए मजबूती से खड़े हैं. चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष रहकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करे, न कि सिस्टम को कमजोर करने का माध्यम बने. उन्होंने कहा कि भाजपा की हर काली करतूत सामने आ रही है, अब देश की जनता जवाब चाहती है कि सरकार और चुनाव आयोग ईमानदार क्यों नहीं हैं.
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