काशी विश्वनाथ मंदिर ने 9 महिलाओं को याजक बनाकर कराया नवमी यज्ञ, दिया महिला सम्मान का संदेश

चैत नवरात्रि का समापन नवमी यज्ञ से किया जाता है. शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में 9 महिलाओं को मुख्य याजक बनाकर नवमी यज्ञ संपन्न कराया गया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
काशी विश्वनाथ मंदिर ने नवमी यज्ञ में शामिल अलग-अलग क्षेत्रों से आईं 9 महिलाएं.

शनिवार को रामनवमी के मौके पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महिला सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश देते हुए एक बड़ी मिसाल पेश की. काशी विश्वनाथ मंदिर ने चैत नवरात्रि के अंतिम दिन अलग-अलग क्षेत्र की 9 महिलाओं को मुख्य याजक के रूप में आमंत्रित कर नवमी यज्ञ संपन्न कराया. देश में अभी भी कई जगहों पर महिलाओं को पूजा-पाठ में मुख्य याजक के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है. लेकिन काशी विश्वनाथ मंदिर ने इस धारणा को तोड़ते हुए एक बड़ी मिसाल पेश की है.  

सनातन धर्म में स्त्री आराधना की परंपरा

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास प्रबंधन ने कहा कि विश्व के समस्त धार्मिक विचारों में मात्र सनातन धर्म में ही स्त्री आराधना की परंपरा है. धार्मिक विचारों में नारी शक्ति के पूज्य होने के इसी सनातन विश्वास के आदर में यह आयोजन किया गया. 

चैत्र नवरात्रि का समापन नवमी यज्ञ से होता है. जिसके लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिनिधि 9 मातृ शक्ति को मुख्य याजक के रूप में आमंत्रित किया गया था.

महिला सम्मान का संदेश समाज में जाएगा

दोपहर 12 बजे अयोध्या धाम में संपन्न हुए श्रीराम के सूर्यतिलक कार्यक्रम का सजीव प्रसारण मंदिर चौक में स्थापित LED पर किया गया. उसके बाद आमंत्रित मातृ शक्ति योजकों द्वारा यज्ञ संपन्न हुआ. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास प्रबंधन ने कहा कि हमें भरोसा है कि इस पहल से महिला सम्मान एवं सशक्तीकरण का सशक्त संदेश समाज में जाएगा.

यह भी पढे़ं - रामलला का सूर्यतिलक, मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब, सड़कों पर भव्य शोभायात्रा... देखें कहां कैसे मनाई गई रामनवमी

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | 'Ghuskhor Pandat' के बाद 'Yadav Ji Ki Love Story' पर मचा बवाल | Bharat Ki Baat