मुझे गिरफ्तारी से बचाओ... झांसी से पूर्व सपा विधायक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से बचाने की लगाई गुहार

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पीड़ित प्रेम सिंह पालीवाल की पुश्तैनी जमीन पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के मून इंटरनेशनल स्कूल के बगल में है. आरोप है कि उसके भाई और मां की जमीन पूर्व विधायक ने जबरन लिखवा ली थी. अब उसके हिस्से की जमीन भी पूर्व विधायक लेना चाहते हैं.

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झांसी से सपा से पूर्व बाहुबली विधायक दीप नारायण यादव ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दीप नारायण यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी है. पूर्व विधायक दीप नारायण यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपने वकीलों के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए कोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है और एफआईआर को रद्द करने की गुहार लगाई है. फिलहाल इस याचिका पर 10 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच सुनवाई करेगी. 

दरअसल, झांसी के गरौठा सीट से पूर्व विधायक दीप नारायण यादव को झांसी पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश कर रही है. दीप नारायण यादव के खिलाफ भुजौंद गांव निवासी प्रेम सिंह पालीवाल ने 20 नवंबर 2025 को मोंठ थाने में केस दर्ज कराया है. डकैती समेत संगीन धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक फरार चल रहे हैं. एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पीड़ित प्रेम सिंह पालीवाल की पुश्तैनी जमीन पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के मून इंटरनेशनल स्कूल के बगल में है. आरोप है कि उसके भाई और मां की जमीन पूर्व विधायक ने जबरन लिखवा ली थी. अब उसके हिस्से की जमीन भी पूर्व विधायक लेना चाहते हैं.

पीड़ित द्वारा मना करने पर स्कूल बुलाकर उसे पिटवाया गया. पीड़ित ने मोठ थाने में पूर्व विधायक और उसके गुर्गों के खिलाफ केस दर्ज कराया है. पीड़ित को लगातार धमकाया भी जा रहा है. मामले के अनुसार दो नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता प्रेम सिंह पालीवाल पैदल मोठ बाजार की तरफ जा रहा था, तभी रास्ते में दो फार्च्यूनर से पूर्व विधायक, अनिल यादव उर्फ मामा और अज्ञात लोगों ने उसे घेरकर असलहा तान दिया और पूर्व विधायक ने उसे थप्पड़ मारे. पीड़ित की जेब से 32 हजार रुपये भी निकाल लिए गए. इसके अलावा पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे धमकी दी गई कि एक महीने के अंदर 20 लाख रुपए दो, जमीन की रजिस्ट्री कराओ और मुकदमा वापस लेने को कहा गया. इस मामले में पुलिस ने 25 नवंबर को पूर्व विधायक के करीबी अशोक गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया था.

इस मामले में पीड़ित ने पूर्व विधायक दीप नारायण यादव, अनिल यादव उर्फ मामा और एक अज्ञात के खिलाफ झांसी के मोठ थाने में बीएनएस की धारा 126(2), 308(4), 310(2), 352, 351(3) और  115(2) में एफआईआर दर्ज कराई थी. डकैती, रंगदारी, धमकी और कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज हुआ था. इस मामले के बाद पूर्व विधायक दीप नारायण यादव फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. 

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एक दिन पहले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दीपनारायण के समर्थन में बयान दिया था और कहा था कि एक पुलिस अफसर ने हमारे पूर्व विधायक पर 32 हजार रुपए की डकैती का केस लगा दिया. फिलहाल अब फरार चल रहे पूर्व विधायक दीप नारायण यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलेगी कि नहीं ये देखना होगा.

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