सैफई के खेत में गिरा विशालकाय ड्रोन: अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा- 'बिना सूचना रिहायशी इलाके में जोखिम क्यों?'

इटावा के सैफई में एक बड़ा ड्रोन गिरने से हड़कंप मच गया. ग्रामीणों के बीच मिसाइल गिरने की अफवाह फैल गई, जिससे अफरातफरी का माहौल बना. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूछा कि अगर यह सरकारी टेस्ट था, तो जनता को पहले सूचना देकर आगाह क्यों नहीं किया गया?

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सरकार पर बोला हमला.

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई में हेलीकॉप्टर के आकार का एक बड़ा ड्रोन एक खेत में आ गिरा. ड्रोन को देखते ही ग्रामीणों में डर और कौतूहल का माहौल बन गया. घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई. इस घटना को लेकर सपा अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी सरकार पर हमला बोला. अखिलेश यादव ने पूछा कि अगर, यह सरकारी टेस्ट था, तो जनता को पहले सूचना देकर आगाह क्यों नहीं किया गया? उन्होंने इसे आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ बताया. 

जानकारी के अनुसार, यह घटना सैफई थाना क्षेत्र के नंदपुर गांव में शुक्रवार 3 अप्रैल की है. गेहूं के खेत में आसमान से अचाकनक एक बड़ा ड्रोन आ गिरा. कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई. पुलिस को भी सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को घेर लिया गया और ग्रामीणों को संदिग्ध चीज से दूर किया.  

ट्रेनिंग और टेस्टिंग का काम होना है शुरू 

पुलिस की जांच में सामने आया कि यह एक निजी कंपनी का ड्रोन है. बताया गया कि सैफई हवाई पट्टी पर ड्रोन की ट्रेनिंग और टेस्टिंग का काम शुरू किया जाना है. यह ड्रोन उसी प्रक्रिया का हिस्सा है. तकनीकी खराबी या अन्य गड़बड़ी के कारण यह ड्रोन खेत में गिर गया था. 

पुलिस कर रही जांच 

पुलिस ने ड्रोन को कब्जे में लेकर तकनीकी जांच शुरू कर दी है और संबंधित कंपनी से भी संपर्क किया है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिसके अधार पर जांच की जा रही है. जांच में जो भी सामने आएगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे. 

Advertisement

क्या बोले सपा प्रमुख अखिलेश यादव? 

सपा अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा- 'युद्ध के वातावरण में अचानक किसी खेत में एक बड़े ड्रोन के, गेहूं के खेत में गिरने से नंदपुर गांव में दहशत और अफ़रातफ़री मच गई. लोगों ने सोचा कहीं कोई मिसाइल तो नहीं, जो युद्ध क्षेत्र से भटक कर यहां आ गिरी है. अगर, ये किसी सरकारी परीक्षण-टेस्ट या एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है तो प्रदेश के नागरिकों को पहले से सूचना देकर आगाह करना था, जब ये विश्वास ही नहीं है कि ड्रोन उड़ेगा कि नहीं तो आम लोगों के इलाके में इसे उड़ाने का जोखिम क्यों उठाया गया. कहीं ये खेत की बजाय आस-पास की किसी बस्ती पर गिर जाता तो इस दुर्घटना से किसी भी तरह की जान-माल की हानि हो सकती थी. सरकार इस मामले में जांच बिठाए और किसान के खेत में हुई आर्थिक हानि और मानसिक आघात का आंकलन-मूल्यांकन करके किसान को यथोचित मुआवज़ा दे. 

IAS रिंकू सिंह राही के इस्तीफे पर पिता, ताऊ और भाभी ने बयां किया दर्द, पढ़ें किसने क्या कहा?

Advertisement

कोई भी परीक्षण सफल क्यों नहीं हो पाता

उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे सभी टेस्ट-एक्सपेरिमेंट निर्धारित निर्जन क्षेत्रों में ही किए जाएं. भाजपा सरकार में कोई भी परीक्षण सफल क्यों नहीं हो पाता है. सैफई की जनता कह रही है जब भाजपाई ड्रोन नहीं उड़ा पा रहे हैं तो सैफई की उस हवाई-पट्टी से जहाज क्या उड़ाएंगे, जिसे भाजपा ने रनवे को राजनीतिक विद्वेषवश बिना रखरखाव के उपेक्षित छोड़ दिया है.  

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Sangeet Som NSA की कार्यवाही, केस वापस होने के सवाल पर क्यों भड़के? Sucherita Kukreti