- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं और सख्त कार्रवाई की तैयारी जारी है.
- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सियाराम धाम के रूप में अयोध्या को विकसित करने का वादा किया है.
- शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पूरे महाराष्ट्र में राम रक्षा आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है. एसआईटी की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. जिसके आधार पर मंदिर की दानराशि में चोरी करने वालों पर सख्त एक्शन की तैयारी है. दूसरी ओर इस मामले में विपक्षी दलों ने भी अपने एक्शन को तेज कर दिया है. बयानों की जंग के बाद अब राम मंदिर दान चोरी विवाद में समाजवादी पार्टी से लेकर शिवसेना तक ने बड़े एक्शन की तैयारी की है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जहां आगामी चुनावी घोषणापत्र में 'चढ़ावा चोरों' के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का वादा करने और अयोध्या को 'सियाराम धाम' के रूप में विकसित करने का बड़ा एलान किया है, वहीं उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को सीधे सड़क पर ले जाते हुए 5 जुलाई से पूरे महाराष्ट्र में 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू करने की घोषणा कर दी है.
राम मंदिर चंदा विवाद: विपक्षी एक्शन की टाइमलाइन
घोटाले का खुलासा और AAP की पहली एंट्री
7 जून: अयोध्या राम मंदिर के दान और चढ़ावे में करीब 200 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया. आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने शुरुआती दिनों में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंदिर ट्रस्ट और बीजेपी पर सवाल उठाए और जांच की मांग की.
SIT की रिपोर्ट और पहली FIR
25 जून: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में पहली आधिकारिक एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद मंदिर प्रबंधन से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया.
अखिलेश यादव का बड़ा एलान: 'सियाराम धाम' का दांव
27 जून: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस विवाद में सीधे कूदे. उन्होंने सोशल मीडिया पर एलान किया कि अगर यूपी में सपा की सरकार बनती है, तो अयोध्या को एक अनुपम और आदर्श धार्मिक नगरी 'सियाराम धाम' के रूप में विकसित किया जाएगा. साथ ही, चुनावी घोषणापत्र में 'चढ़ावा चोरों' पर सख्त कार्रवाई का वादा शामिल करने के संकेत दिए.
कांग्रेस की मांग: कोर्ट की निगरानी में जांच
28-29 जून: कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए. कांग्रेस ने इस कथित 'महा पाप' की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा सिटिंग जज की निगरानी में (Court-monitored Probe) उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग तेज कर दी.
उद्धव ठाकरे का सबसे नया एक्शन: 'राम रक्षा आंदोलन'
3 जुलाई: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस विवाद को सीधे सड़क पर ले जाने का एलान कर दिया. उन्होंने 5 जुलाई से पूरे महाराष्ट्र में 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू करने की घोषणा की और आरोप लगाया कि मंदिर के चंदे की कथित चोरी के पैसे से विपक्षी पार्टियां तोड़ी जा रही हैं.
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