- मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज माघ मेले में लगभग 4.50 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई.
- प्रशासन ने तीन करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक रही है.
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बिना अनुमति भारी संख्या में समर्थकों के साथ संगम में प्रवेश करने से पुलिस ने रोका.
Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज में जारी माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या पर तड़के सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही. गंगा स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने प्रशासन के प्रस्तावित आंकड़े को पार कर लिया. प्रशासन ने महज तीन करोड़ श्रद्धालुओं के मौनी अमावस्या पर आने का अनुमान लगाया था. लेकिन आज लगभग 4 करोड़ 52 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई. प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से फाइनल आंकड़ा जारी किया गया. प्रशासन के अनुमान से कहीं ज्यादा श्रद्धालु मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज आए. शाम चार बजे तक 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई. इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं और साधु संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई.
मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कल रात 12 बजे से ही स्नान करने के लिए लोगों का गंगा और संगम क्षेत्र में आना जारी है. इस दौरान, सुबह स्नान के दौरान संगम नोज पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को भारी संख्या में समर्थकों के साथ संगम में जाने से पुलिस ने रोक दिया.
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना किसी अनुमति के 200-250 समर्थकों के साथ पुल नंबर दो का बैरियर तोड़कर स्नान घाट की तरफ प्रवेश किया. पांडेय के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है, इसके बावजूद वह नहीं माने और रोकने पर वह स्नान किए बगैर वापस चले गए. उन्होंने कहा, “पुलिस प्रशासन सभी साधु संतों का सम्मान करती है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है.”
इससे पूर्व, मकर संक्रांति के अवसर पर 1.03 करोड़ जबकि एकादशी पर लगभग 85 लाख लोगों ने गंगा और संगम में स्नान किया था. मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को सही रास्ता दिखाने के लिए मेला प्रशासन ने खंभों पर ‘रिफ्लेक्टिव टेप' लगाए हैं और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं.
उन्होंने बतया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है. मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं. अग्रवाल ने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बनाई गई है जहां ध्यान और योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं.
श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं. उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं.
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