सिस्टम की लापरवाही से मिली मौत, एंबुलेंस में खत्म हुआ पेट्रोल, मरीज ने तोड़ा दम; SDM और पंप से भी नहीं मिली मदद

Petrol Diesel Crisis in Ballia: बलिया जिले में बुधवार रात करीब मरीज के सीने में दर्द हुआ तो ग्राम प्रधान उन्हें निजी एंबुलेंस से अस्पताल ले जा रहे थे. रास्ते में एंबुलेंस का पेट्रोल खत्म हो गया, लेकिन कहीं भी मदद नहीं मिली और मरीज की जान चली गई.

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पेट्रोल पंप पर तेल भराने गई थी एंबुलेंस.

Ballia Hindi News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सिस्टम की लापरवाही के आगे एक आम आदमी जिंदगी की जंग हार गया. मरीज को लेकर अस्पताल जा रही निजी एंबुलेंस में अचानक पेट्रोल खत्म हो गया. एंबुलेंस चालक ने पेट्रोल, पंप और एसडीएम (SDM) से तक मदद मांगी, लेकिन तेल नहीं मिला. फिर जब तक मदद मिली, तब तक देर हो चुकी थी और मरीज ने अस्पताल पहुंचने तक दम तोड़ दिया.

बता दें कि यह मामला बैरिया थाना क्षेत्र के पांडेपुर जगदेवा गांव का बुधवार की रात करीब साढ़े 9 बजे का है. गांव के ही छठठू शर्मा (50) को सीने में दर्द हुआ तो ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में अचानक एम्बुलेंस का ईंधन खत्म हो गया. फिर वह तेल लेने के लिए टेंगरही के पास एक पेट्रोल पंप पर एम्बुलेंस लेकर गए और तेल की मांग की, लेकिन पेट्रोल पंप वालों ने तेल नहीं दिया.

एसडीएम से भी नहीं मिली मदद, बाइक सवार से मिला तेल

दावा है कि पीड़ितों ने बैरिया उप जिलाधिकारी (SDM) से बात भी की, उसके बावजूद भी तेल नहीं मिला. थक हारकर उन्होंने कुछ लोगों की बाइक से तेल निकाल कर एम्बुलेंस में डाला और छठठू शर्मा को अस्पताल लेकर गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

इस मामले में बलिया के डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि कल शाम को जानकारी मिली थी कि बैरिया थाना क्षेत्र के टेगरही मोड़ के पास भूषण पेट्रोल पंप पर 22 अप्रैल की रात लगभग 9:21 बजे एक एम्बुलेंस गई थी. उसे गांव के प्रधान सतेंद्र यादव लेकर गए थे. जानकारी मिली कि उसमें मरीज भी था, जिसे वह अस्पताल लेकर जा रहे थे. पंप पर प्रधान ने पेट्रोल की मांग की. लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली.

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CCTV फुटेज में दिखी एंबुलेंस

सीसीटीवी फुटेज से भी पता चला है कि वहां एम्बुलेंस गई थी. पेट्रोल पंप वालों ने भी माना कि एम्बुलेंस आने और तेल न देने की बात स्वीकार की है. जब इसकी वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि तेल खत्म हो गया है. ज़ब स्टॉक की जांच कराई तो साढ़े आठ हजार लीटर पेट्रोल स्टॉक में मिला और साढ़े चार हजार से अधिक डीजल भी मिला. डीएम ने आगे कहा कि मैंने अधिकारियों को मौके पर भेजा है. अगर उन्होंने ऐसा किया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अवश्यक सेवाओं वाली गाड़ियों को पेट्रोल देना चाहिए. इसके खिलाफ पेट्रोल पंप की जिम्मेदारी तय करेंगे.

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