संभल में अवैध निकली मस्जिद, पैमाइश में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी, बेदखली का आदेश

मस्जिद कमेटी की ओर से कोई ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि निर्माण निजी भूमि पर किया गया है. इसके बाद उनके न्यायालय से बेदखली का आदेश पारित किया गया.

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संभल में मस्जिद की कागजात की जांच करते राजस्व विभाग के अधिकारी.
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  • उत्तर प्रदेश के संभल तहसील के नखासा थाना क्षेत्र के गांव कसेरुआ में मस्जिद को अवैध घोषित किया गया है.
  • तहसीलदार न्यायालय ने मस्जिद कमेटी के खिलाफ कब्रिस्तान व ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे के लिए बेदखली के आदेश दिए.
  • मस्जिद कमेटी ने तहसीलदार न्यायालय के आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की है.
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संभल:

उत्तर प्रदेश में संभल तहसील के नखासा थाना क्षेत्र के गांव कसेरुआ में कब्रिस्तान और ग्राम समाज की जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर बनाई गई मस्जिद को तहसीलदार न्यायालय ने अवैध घोषित कर दिया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अदालत ने मस्जिद कमेटी के खिलाफ बेदखली (इविक्शन) के आदेश भी पारित किए हैं. हालांकि, मस्जिद कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की है.

गांव पहुंचकर राजस्व टीम ने की पैमाइश

शुक्रवार को तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचकर कब्रिस्तान और ग्राम समाज की जमीन पर हुए निर्माण की पैमाइश कर स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों के अनुसार, राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूखंड कब्रिस्तान की जमीन के रूप में दर्ज है, जिस पर मस्जिद का निर्माण पाया गया.

ग्रामीणों ने की थी शिकायत

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि गांव में कब्रिस्तान की भूमि सुरक्षित की जाए. जांच में पाया गया कि उक्त जमीन पर मस्जिद बनाकर कब्जा किया गया है.

उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की ओर से कोई ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि निर्माण निजी भूमि पर किया गया है. इसके बाद उनके न्यायालय से बेदखली का आदेश पारित किया गया.

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मस्जिद कमेटी निर्माण नहीं हटाई तो लगेगा हर्जाना

तहसीलदार ने कहा कि मस्जिद कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की है और अपीलीय निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि ग्राम समाज की भूमि पर हुए अन्य निर्माणों को लेकर संबंधित लोगों को सूचित कर दिया गया है. यदि वे स्वयं निर्माण नहीं हटाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए हर्जाना लगाकर आदेश पारित किया जाएगा.

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