Mobile Side Effects: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ (Hapur) से एक बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, आधुनिक दौर में मोबाइल फोन जहां जिंदगी को आसान बना रहा है. वहीं, कई परिवारों में यह विवाद की वजह भी बन रहा है. हालात ये है कि मोबाइल को लेकर घटने वाली छोटी-छोटी कहासुनी बढ़कर थाने तक पहुंच रही है. हालांकि, महिला थाना पुलिस ऐसे टूटते परिवारों को जोड़ने का काम कर रही है. पिछले चार माह के दौरान महिला थाना पुलिस ने तकरीबन 300 दंपतियों के बीच काउंसलिंग कराकर उनके मतभेद दूर कराए हैं.
पुलिस की समझाइश और लगातार काउंसलिंग के बाद कई दंपती फिर से साथ रहने को राजी हुए और हंसी-खुशी अपने घर लौट गए. महिला थाना पुलिस के अनुसार, मोबाइल पर अधिक समय बिताना, बार-बार फोन पर बातचीत करना और सोशल मीडिया को लेकर होने वाली कहासुनी अक्सर बड़े विवाद का रूप ले लेती है. कई मामलों में बात मारपीट तक पहुंच जाती है. ऐसे मामलों में पुलिस इन दंपतियों और उनके परिजनों को बुलाकर शांत माहौल में काउंसलिंग कराती है और आपसी विश्वास बनाए रखने की सलाह देती है, जिससे कुछ दंपतियों की एक-दो बार में सुलह हो जाती है, जबकि कुछ मामलों में चार से सात बार तक काउंसलिंग करनी पड़ती है. यानी लगातार काउंसलिंग के बाद ज्यादातर दंपती आपसी समझ के साथ रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला ले रहे हैं. महिला थाना पुलिस की इस पहल से कई टूटते परिवार फिर से जुड़ रहे हैं.
दंपतियों को जोड़ने में पुलिल निभा रही है अहम भूमिका
पत्नी ने बताया कि “ पति से हमारा छोटी-छोटी बातों पर अक्सर झगड़े हो जाते थे, खासकर मोबाइल को लेकर. घर में यही बहस रहती थी मोबाइल फोन ज्यादा चलाने को लेकर हम दोनों के बीच विवाद होता रहता था. हम महिला थाने आए हम दोनों को समझाया गया.अब मैं मोबाइल ज्यादा नहीं जलाऊंगी.
पीड़ित पति ने बताई ये कहानी
मोबाइल की वजह से बढ़ने वाले विवाद के शिकार एक पति ने बताया कि “मेरी पत्नी मोबाइल ज़्यादा चलाती हैं. इसी बात को लेकर हमारे बीच विवाद शुरू हुआ. मैं उन्हें समझाता था कि फोन कम चलाएं, लेकिन बात बढ़ती चली गई. उन्होंने मेरे खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज करा दी, जिस पर हमारी बहस और बढ़ गई. धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ा कि अब वह अलग जाने की बात कह रही हैं. झगड़ा सिर्फ मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर ही हुआ. बाकी हमारे बीच कोई बड़ी समस्या नहीं है. लेकिन, अब महिला थाने में हम दोनों का समझौता हो गया है.
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वहीं, इन मामलों पर सीओ सिटी हापुड़ वरुण मिश्रा कहते हैं कि महिला थाने में मुख्य रूप से पारिवारिक विवाद, घरेलू कलह और वैवाहिक मामलों का निस्तारण किया जाता है. इस वर्ष एक जनवरी से अब तक लगभग 400 प्रकरणों को सफलतापूर्वक सुलझाया गया है. अधिकतर मामलों में घरेलू कलह, आपसी मतभेद और वर्तमान समय में मोबाइल फोन को लेकर भी पति-पत्नी के बीच विवाद सामने आ रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण कारण बनता जा रहा है. ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत कराई जाती है. साथ ही परिजनों से भी चर्चा की जाती है. हर केस अलग होता है, इसलिए परिस्थिति के अनुसार समाधान कराया जाता है. महिला थाना टीम ने लगभग डेढ़ सौ दिनों में सैकड़ों परिवारों को समझौते के जरिए दोबारा जोड़ने का काम किया है.














