- नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के बाद CP लक्ष्मी सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए उच्चाधिकारियों को पद से हटाया.
- सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार को उनकी जिम्मेदारी से तत्काल प्रभाव से हटाया गया.
- DCP ट्रैफिक शैलेंद्र सिंह को सेंट्रल नोएडा जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया और वे सुरक्षा व्यवस्था देखेंगे.
Noida Labour Protest: वेतन बढ़ाने सहित अन्य मागों को लेकर बीते सोमवार 13 अप्रैल को नोएडा में हुए मजदूरों के उग्र विरोध-प्रदर्शन के बाद अब कार्रवाई का दौर जारी है. इस हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार किया जा चुका है. दूसरी ओर नोएडा पुलिस कमिश्नर के आदेश पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (Police Reshuffle) भी किया गया है. नोएडा हिंसा मामले के बाद पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार को उनके पद से हटा दिया है. इसके अलावा कुछ अन्य पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की है.
DCP ट्रैफिक शैलेंद्र सिंह को सेंट्रल नोएडा जोन का अतिरिक्त प्रभार
नए प्रशासनिक फेरबदल के आदेश के तहत डीसीपी ट्रैफिक शैलेंद्र कुमार सिंह को सेंट्रल नोएडा जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी शैव्या गोयल को 1 अप्रैल 2026 को ही सेंट्रल नोएडा जोन और साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन महज 19 दिनों के भीतर उनका तबादला कर दिया गया. इससे पहले वह साइबर और नारकोटिक्स जैसे अहम विभागों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.
दोनों अधिकारियों ने अपनी नई जिम्मेदारियों का कार्यभार संभाला
वहीं, शैलेंद्र कुमार सिंह, जो अब तक ट्रैफिक, लाइन और आरटीसी शाखा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें अब सेंट्रल जोन की कानून-व्यवस्था की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है. नई भूमिका में उन्हें ट्रैफिक प्रबंधन के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखनी होगी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. दोनों अधिकारियों ने अपनी नई जिम्मेदारियों का कार्यभार संभाल लिया है.
कई महीनों से लिखी जा रही थी साजिश की स्क्रिप्ट
मालूम हो कि नोएडा में हाल ही में फैक्ट्री मजदूरों ने जो आंदोलन किया और उसमें जो हिंसा भड़की थी, उसके पीछे की साजिश का खुलासा अब होने लगा है. इस हिंसा की जांच में खुलासा हुआ है कि पूरी साजिश की स्क्रिप्ट कई महीनों पहले लिखी गई थी, जिसमें अलग-अलग संगठनों के जरिए लोगों को जोड़कर एक संगठिक आंदोलन की आड़ में हालात बिगाड़ने की तैयारी थी.
इस हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने मुख्य संदिग्ध आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है. वह जून 2025 से नोएडा में रह रहा था, जबकि उससे पहले वह गुरुग्राम में रहता था. बताया जा रहा है कि नोएडा में उसने एक फ्लैट किराये पर लिया था और यही इस हिंसा की पूरी साजिश रची गई.
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