क्या महाकुंभ में हुई भगदड़ कोई साज़िश थी?  यूपी STF हर एंगल से कर रही जांच

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी कुंभ मेले में मौनी अमावस्या की रात तकरीबन डेढ़ बजे एक घाट पर भगदड़ मचने से कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में दर्जनों जख्मी हो गए थे.

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महाकुंभ भगदड़ मामला: एसटीएफ और महाकुंभ मेला पुलिस साज़िश वाले एंगल से कर रही जांच
नई दिल्ली:

क्या महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ कोई साज़िश थी?  उत्तर प्रदेश एसटीएफ अब इस एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक घटना के समय मौजूद दो लोगों ने बताया है कि भगवा झंडा लेकर कुछ लोग अचानक भीड़ में घुस आए थे, जिनकी वजह से भगदड़ की शुरुआत हुई थी. उन दिन के सीसीटीवी फुटेज से इस आरोप की पड़ताल की जा रही है. एसटीएफ को उस समय एक्टिव कुछ मोबाइल फोन लगातार बंद मिल रहे हैं. एसटीएफ और महाकुंभ मेला की पुलिस साज़िश वाले एंगल से इसकी जांच कर रही है. हालांकि यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि अभी तक साज़िश की बात सामने नहीं आई है.

महाकुंभी में अब कैसे हैं हालात?

मौनी अमावस्या पर होने वाले अमृत स्नान से पहले महाकुंभ में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत और 90 से ज्यादा सामान्य व गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस घटना के बाद से कुंभ को लेकर लोगों के मन में डर का माहौल पैदा हो गया था. लेकिन, यहां संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं ने बताया है कि महाकुंभ में बिल्कुल भी डर नहीं लग रहा है. यहां पर योगी सरकार की व्यवस्था बहुत अच्छी है. महिला सुरक्षा को लेकर व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं. महाकुंभ में महाराष्ट्र से आई जाह्नवी दुबे ने कहा, "व्यवस्था अच्छी हैं. शुरू में जब हमने आने की योजना बनाई तो लोगों ने हमें डराने की कोशिश की, कहा कि कुंभ में जाना सुरक्षित नहीं हो सकता. लेकिन यहां सब कुछ अच्छी तरह से प्रबंधित है. लोगों को निश्चित रूप से यहां आना चाहिए."

वैष्णवी दुबे ने कहा, "यहां सब कुछ ठीक है. किसी को डरने की जरूरत नहीं है. लोग कुछ भी कह रहे हैं. यहां पर आने के बाद हमें बहुत अच्छा लग रहा है." 
 

हरियाणा से आए सत्यवान ने बताया कि यहां बहुत उत्साह है. जनता के लगाव और भक्ति के कारण करीब 8-9 करोड़ लोग यहां आ रहे हैं.

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यहां पर कर्नाटक से आए  एक श्रद्धालु ने बताया कि हम तीन बसों में कुल 120 लोगों के साथ यहां आए हैं. चूंकि यह पवित्र महाकुंभ 144 वर्षों के बाद हो रहा है, इसलिए बीदर से कई लोग इसमें शामिल हुए हैं.

30 लोगों की गई थी जान

बता दें कि 29 तारीख़ को मौनी अमावस्या के दिन संगम इलाके के पास भगदड़ में 30 लोगों की जान चली गई थी. शनिवार को प्रयागराज के दौरे में भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कहा कि कुछ लोग गुमराह करके सनातन धर्म के हर एक मुद्दे पर षड्यंत्र करने से बाज नहीं आते हैं. राम जन्मभूमि से लेकर आज तक, उनका व्यवहार और चरित्र जग जाहिर है. ऐसे लोगों से सावधान होकर सनातन धर्म के आदर्शों और मूल्यों के साथ इन पूज्य संतों के सानिध्य में हमे निरंतर आगे बढ़ना होगा.

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