- लखनऊ में अक्षत ने अपने पिता की नृशंस हत्या की और शव के टुकड़े कर दिए थे
- हत्या के बाद भी रिहायशी इलाके में गोली की आवाज सुनाई नहीं दी, जिससे कई सवाल खड़े हो गए
- पिता-पुत्र विवाद के पीछे किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता की संभावना और बहन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है
मुझ को छांव में रखा और ख़ुद भी वो जलता रहा...मैं ने देखा इक फ़रिश्ता बाप की परछाईं में... पिता ऐसा ही होता है.. वह भले खुद के ऐशो-आराम को मार दे पर बेटे के लिए वह कोई कमी नहीं छोड़ता. पिता वो है जो आप पर आई एक आंच के लिए दुनिया से भिड़ जाएगा,लेकिन लखनऊ के अक्षत के लिए इन लाइनों, पिता के वजूद का कोई जैसे मतलब ही नहीं है. उसपर तो सिर्फ एक धुन सवार थी और वह थी पिता को अपनी जिंदगी से सदा के लिए हटा देना. इसके लिए उसने अपने पिता की ऐसी दरिंदगी से हत्या की जिसे कोई सोच भी नहीं सकता. पिता के शव के कई टुकड़े किए, मर्डर के बाद ऐसे आया जैसे कुछ हुआ ही न हो. अब पुलिस गिरफ्त में भले उसकी हवाइयां उड़ी हुई हों लेकिन पिता पर इतनी क्रूर और नफरत भरा प्रहार..सुन मानवता शर्मसार हो जाए. इससे इतर लखनऊ के इस मर्डर की कहानी में कई सवाल भी हैं जो सीधा जवाब चाह रहे हैं, जैसे इस हत्याकांड में कोई तीसरा भी है, बहन सब जानते हुए भी चुप क्यों है? आइए आपको बताते हैं इस हत्याकांड से जुड़े 5 सवाल जो सबको परेशान कर रहे--
ये पांच सवाल जो दिमाग घुमा रहे
➤पिता का सिर कहां गायब हो गया?
➤राइफल से गोली तो चली लेकिन रिहायशी इलाके में किसी को आवाज क्यों नहीं आई?
➤पिता-पुत्र विवाद के पीछे क्या कोई तीसरा भी था जिसे पहले से पता था कि ऐसा कुछ हो सकता है?
➤कैसे एक भारी भरकम खून से लथपथ डेड बॉडी को अक्षत बिना किसी के मदद से तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर ले आया?
➤बहन सब देखकर भी अब तक चुप क्यों है?














