- लखनऊ की अंजना को CM योगी आदित्यनाथ ने नए साल के पहले दिन उनके मकान का कब्जा वापस दिला दिया.
- अंजना के पिता का मकान फर्जी दस्तावेज के जरिए हड़प लिया गया था, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गईं थीं.
- मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रशासन और पुलिस ने तत्काल जांच कर अंजना को उनके मकान में प्रवेश दिलाया.
नए साल के पहले दिन अपने आशियाने को पाने के लिए दर-दर भटक रही अंजना की मुस्कान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौटा दी है. सीएम योगी ने उन्हें साल के पहले ही दिन अनमोल तोहफा दिया. जिसे पाकर भावुक हो उठीं अंजना के मुख से निकल पड़ा- गॉड ब्लेस यू योगी अंकल. दरअसल लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी अंजना के पिता का मकान एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज लगाकर हड़प लिया था. रिहैब सेंटर में रह रही अंजना ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई.
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नए साल पर लौटीं अंजना की खुशियां
सीएम ने उनका दर्द सुना और जांच कराकर तत्काल उनका मकान उन्हें सुपुर्द करने का आदेश दिया. सीएम योगी के आदेश पर सक्रिय हुई प्रशासन और पुलिस की टीम ने जांच की और नए साल के पहले ही दिन अंजना को उनके घर में प्रवेश दिलाया. योगी की संवेदनशीलता से महिला को छांव मिल गई. भाव-विह्वल अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया.
बता दें कि सेवानिवृत्त मेजर स्व. बिपिन चंद्र भट्ट का इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान है. उनका निधन 1994 में हो गया था. मेजर भट्ट के एक बेटे और दो बेटियां थीं. उनके बेटे और एक बेटी का निधन हो चुका है. उनकी छोटी बेटी अंजना सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हैं, तबीयत खराब होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया, वहां के डॉक्टर की देखरेख में उनका इलाज शुरू हुआ, वे तब से वहीं रह रही हैं.
सीएम योगी को बताई समस्या, 24 घंटे में मिला समाधान
पीड़िता अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का आग्रह किया. इसकी जानकारी होते ही 31 दिसंबर (बुधवार शाम) मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास बुलाया और उनकी पीड़ा को ध्यान से सुना. पीड़िता ने मुख्यमंत्री को बताया कि विगत दिनों चंदौली निवासी बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेज लगाकर मकान पर कब्जा कर लिया. मकान पर बलवंत कुमार का बोर्ड भी लगा दिया गया है. उन्होंने छह दिसंबर को स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देकर इसे खाली कराने का आग्रह किया. जब इस प्रक्रिया में विलंब होने लगा तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई.
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से अंजना को मिली ‘छांव'
रिहैब सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे ने बताया कि माता-पिता व भाई-बहन के निधन के बाद अंजना की हालत खराब हो गई थी. वे फुटपाथ पर बैठी रहती थीं. सूचना मिलने पर 2016 में हम उन्हें रिहैब सेंटर लेकर आए. वहां उनकी देखरेख हुई और इलाज प्रारंभ हुआ. कुछ दिन पहले मकान पर कब्जे की शिकायत मिली, जिस पर थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया।. इसके बाद बुधवार को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम योगी ने अंजना की पूरी बात सुनी और पुलिस को तत्काल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जांच कर पीड़िता को उनका मकान दिलाने का आदेश दिया. सीएम से मिले निर्देश के बाद तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और 24 घंटे के भीतर जांच कर उन्हें कब्जा दिलाया.
छलक पड़े आंसू, बोलीं- थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू
पुलिस और सेना के अधिकारी की मौजूदगी में गुरुवार को अंजना के घर का ताला टूटा. अंजना जैसे ही घर के भीतर पहुंचीं, उनके आंख से आंसू छलक पड़े. वे हर कमरे में गईं, वहां की दीवारों को चूमा. फिर बाहर आकर नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और पुष्प रखकर अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा किया. पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर वह रोने लगीं और बचपन के संस्मरण भी सुनाने लगीं. अपने घर में प्रवेश के बाद भाव विह्वल अंजना की आंखों में खुशी के आंसू थे. उनके दिल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए आभार निकला.
घर हड़पने वाले आरोपी गिरफ्तार
उन्होंने कहा योगी अंकल महान हैं. उन्होंने दुख से हमारी सहायता की. थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू. बता दें कि सीएम से मिलने के 24 घंटे के अंदर दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. अंजना के सीएम से मुलाकात के बाद पुलिस और सक्रिय हो गई. पुलिस ने इस प्रकरण में तत्काल जांच शुरू करते हुए अंजना को उनके मकान में कब्जा दिलाया.
एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू पुत्र रामदुलारे यादव निवासी ग्राम नारायणपुर, सैयदाराजा-चंदौली व मनोज कुमार यादव पुत्र स्व. उमाशंकर यादव निवासी दाउदपुर- थाना कोतवाली, चंदौली को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है.














