- महराजगंज जिले के मधवलिया वन्य जीव प्रभाग में तेंदुए ने एक चार साल की बच्ची को जबड़े में दबोच लिया था.
- तेंदुआ झोपड़ी में घुसकर बच्चे को पकड़ने के बाद उसकी मां की चीख-पुकार सुनकर बच्ची को छोड़कर भाग गया.
- घायल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है.
यूपी के महराजगंज जिले में तेदुएं के खौफनाक हमले का मामला सामने आया है. यहां पर झोपडी के आशियाने में मां के गोद में सोई एक मासूम बच्चे को तेंदुआ जबड़े में दबोच लिया. उसके बाद तेदुएं के जबड़े में रोते बच्चे की मां बदहवास होकर चीखने चिल्लाने लगी. गनीमत रहा कि तेंदुआ बच्चे को छोड़ जंगल की ओर भाग निकला. तेदुएं की वारदात के बाद लोगों में दहशत का माहौल बना है. महिला की चीख पुकार सुन मौके पर जुटे लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां कर बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है.
मधवलिया वन्य जीव प्रभाग के कम्पार्ट 24 की घटना
दरअसल यह पूरा मामला महराजगंज जिले के मधवलिया वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत वन ग्राम कम्पार्ट 24 की है. जहां पर बिरजू की पत्नी सोमारी देवी बेटी शिवानी (4) को गोद में लेकर झोपडी के आशियाने में सोई हुई थी. इसी बीच आधी रात को सुनसान पाकर शिकार की तलाश में तेंदुआ आबादी में आ पहुंचा. उसके बाद तेंदुआ बिरजू के झोपड़ी के आशियाने की ठाठ फाड़कर अंदर घुस गया.
महिला के चीखने-चिल्लाने से बच्ची को छोड़ भागा तेंदुआ
फिर सोमारी के गोद सोई मासूम शिवानी के गले को तेंदुआ जबड़े में दबोच लिया. जिस दौरान बच्ची अचानक तेज आवाज में रोने लगी. बच्ची के अचानक रोने की आवाज सुन सोमारी की नींद खुली, तो वह पास में खड़े तेदुएं के जबड़े में बच्ची को देख बदहवास हो गई. इस दौरान सोमारी चीखने चिल्लाने लगी. उसके बाद तेंदुआ बच्ची को छोड़ झोपडी से निकल जंगल की ओर भाग निकला.
इसके बाद घायल बच्ची शिवानी को आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौक में भर्ती कराया गया. जहां कर डॉक्टरों ने बच्ची की हालत बिगड़ते देख प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया.
अस्पताल में भर्ती बच्ची और मामले की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी.
वन अधिकारी बोले- तेदुएं की तलाश में जुटी विभागीय टीम
मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि मासूम बच्ची पर तेदुएं की ओर से हमला करने की सूचना मिली है. ऐसे में वन कर्मियों के साथ अस्पताल पहुंच घायल बच्ची के स्वास्थ के बारे में डॉक्टरों और परिजनों से जानकारी ली है. घटना को ढांढस बताते हुए विभाग की ओर से परिजनों को हरसंभव मदद करने की आश्वासन दी गई है. वारदात के बाद गांव में वन कर्मियों की टीम पहुंच तेदुएं की निगरानी में जुट गई है. इतना ही नहीं लोगों को जंगल की ओर न जाने के लिए अपील भी की जा रही है.
(महाराजगंज से धर्मेंद्र कुमार गुप्ता की रिपोर्ट)













