UP के 'जामतारा' में 'सर्जिकल स्ट्राइक', फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने गांव घेर दबोचे साइबर ठग, भागे तो ड्रोन से पकड़े

Cyber Fraudster Village in Kanpur: कानपुर पुलिस ने एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने ड्रोन की मदद से गांव को घेरकर 19 लोगों को पकड़ा है. ये लोग सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को ठगते थे.

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एक साथ कई पुलिस वाहनों की हुई गांव में एंट्री.

Police Rain in Kanpur Jamtara: यूपी का वो गांव, जिसकी संकरी पगडंडियां जहां आमतौर पर शांति रहती थी, वहां अचानक सायरन बजाती पुलिस की गाड़ियों का लंबा काफिला पहुंचा तो हर कोई हैरान रह गया. आसमान में पक्षियों की जगह दर्जनों ड्रोन मंडराने लगे. यह दृश्य ऐसा था, जैसे कोई बॉलीवुड की कॉप-थ्रिलर फिल्म की शूटिंग चल रही हो, लेकिन ऐसा नहीं था, बल्कि एसओजी (SOG) के एडीसीपी आईपीएस सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व में एक दबिश दी गई थी.

मामला अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा है. एडीसीपी रामटेके को सूचना मिली थी कि कानपुर के पुलिस मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर थाना रेउना के एक गांव के लोग जामतारा स्टाइल में साइबर अपराध का गढ़ बना चुके हैं. रणनीति के तहत भारी पुलिस बल ने सबसे पहले गांव को चारों तरफ से सील किया. जब घेराबंदी पूरी हो गई तो तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आसमान में ड्रोन उड़ाए गए, ताकि संदिग्धों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके.

पुलिस ने लाउडस्पीकर से दी चेतावनी

पुलिस ने गांव के बाहर खड़े होकर लाउडस्पीकर से चेतावनी दी कि आपको चारों तरफ से घेर लिया है. भागने की कोशिश न करें और खुद को कानून के हवाले कर दें. अगर कोई भी नियम विरुद्ध गतिविधि की गई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

ड्रोन से नहीं बच पाए संदिग्ध

पुलिस की इस घोषणा के साथ ही गांव में हड़कंप मच गया. संदिग्ध अपराधियों ने खेतों और गलियों के रास्ते भागने की कोशिश की, लेकिन वह भूल गए थे कि ऊपर आसमान में डिजिटल आंखें उन पर नजर रख रही थीं. ड्रोनों ने भागते हुए संदिग्धों को लोकेट किया और पुलिस की टीमों ने दौड़ाकर कुल 19 लोगों को धर दबोचा.

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सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगते

पकड़े गए ठग बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे. ये लोग सरकारी योजनाओं (जैसे वृद्धावस्था पेंशन, किसान सम्मान निधि आदि) का डेटा हासिल करते थे और फिर भोले-भाले लोगों को कॉल कर उनका बैंक खाता खाली कर देते थे. छापामारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में मोबाइल और कई म्यूल अकाउंट्स (दूसरों के नाम पर खोले गए बैंक खाते) की जानकारी मिली है.

पूरा गांव था साइबर ठग, एक 'जामतारा' जैसा

पूछताछ में पता चला कि पूरा गांव एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा था. जैसे जामतारा में घर-घर से ठगी होती थी, वैसा ही कुछ यहां भी देखने को मिला. फिलहाल, पकड़े गए सभी 19 आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है. पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद कई बड़े अंतर्राज्यीय राज खुलेंगे और करोड़ों रुपये की ठगी का हिसाब सामने आएगा.

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एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके के इस हाई-टेक और फिल्मी अंदाज में किए गए एक्शन की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है.

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